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दो माह से वेतन न मिलने से आहत मीसो कम्पनी के कर्मचारी धरने पर, घर चलाना हुआ मुश्किल

दो माह से वेतन न मिलने से आहत Meesho कम्पनी के कर्मचारी धरने पर, घर चलाना हुआ मुश्किल  

सहजनवां, गोरखपुर। थाना सहजनवां क्षेत्र के गीडा सेक्टर-26 मे स्थित केंद्रीय भंडारण निगम में स्थिति मिसो कम्पनी के काम करने वाले करीब 200 कर्मचारी और मजदूर वेतन न मिलने से परेशान होकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि 9 से 10 घंटे की कड़ी ड्यूटी के बाद उन्हें मात्र 11,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाता है। लेकिन पिछले दो महीने से वह भी नहीं मिल रहा है। इस महंगाई के दौर में बिना वेतन के घर चलाना मुश्किल हो गया है।  18 अप्रैल को धरने पर बैठे एक मजदूर ने बताया, “सिलेंडर 1100 पार कर गया, राशन-तेल सब महंगा है। बच्चों की कॉपी-किताब, स्कूल फीस कहां से दें? 9-10 घंटे पसीना बहाने के बाद भी दिहाड़ी न मिले तो दैनिक दिनचर्या कैसे चलेगी?”

दो माह से वेतन न मिलने से आहत Meesho कम्पनी के कर्मचारी धरने पर, घर चलाना हुआ मुश्किल  


कर्मचारियों ने कहा कि मिसो कम्पनी में काम करने वाले  अधिकारियों की एक महीने की तनख्वाह रुक जाए तो हायतौबा मच जाती है। लेकिन यहां दो-दो महीने से 200 परिवारों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। बच्चों का पेट कैसे भर रहा होगा, इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं होता, धरना जारी रहेगा। साथ ही नियमित भुगतान की लिखित गारंटी की भी मांग की गई है।  मामले में मिसो के प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई अधिकृत बयान नहीं मिल सका। केंद्रीय केंद्रीय भंडारण निगम में मिसो कंपनी चल रही है।

जिसमे खुलेआम मजदूरों के साथ तानाशाही रवैया अपनाई जा रही है क्या गरीब मजदूर का कोई सुध लेने वाला है या नहीं इस मौके पर सहजनवा पुलिस पहुंची वह भी प्रयास की । इनके साथ दुर्व्यवहार न किया जाए वहीं मजदूर का कहना है कि हम लोगों को मिसो के बेल्डर अबिनाश त्रिपाठी के द्वारा हम सभी कर्मचारियों का शोषण व गाली भी दिया जाता है।इस प्रकार की घटना कई बार हो गया है।इसके बारे में उपरोक्त के संबंध में उप जिलाधिकारी सहजनवा से पूछने पर उन्होंने ने कहा मुझे किसी भी प्रकार की कोई सूचना नहीं मिली है न कोई आवेदन मिला है यदि मेरे संज्ञान में आया तो  विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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