किसान दिवस में डीएम ने सुनी समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान का निर्देश
गोरखपुर। विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि किसान दिवस का उद्देश्य केवल किसानों की समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
किसान दिवस के दौरान किसानों ने कृषि, सिंचाई, विद्युत, खाद-बीज, नहरों की सफाई, फसल उत्पादन, कृषि यंत्रों सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों से समस्याओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए जरूरत पड़ने पर मौके पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि एवं किसान हित से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय अधिकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और किसानों को आवेदन, पात्रता तथा मिलने वाले लाभ की जानकारी उपलब्ध कराएं।

एफपीओ को मजबूत बनाने पर जोर
किसान दिवस के साथ फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि एफपीओ किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने एफपीओ को केवल किसानों को एक मंच पर जोड़ने तक सीमित न रखते हुए उत्पादन से लेकर बिक्री तक पूरी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसानों की उपज की बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण, भंडारण और मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके। सामूहिक रूप से बाजार से जुड़ने से छोटे और सीमांत किसानों को भी बेहतर अवसर मिलेंगे तथा बिचौलियों पर निर्भरता कम की जा सकेगी।
डीएम ने एफपीओ से जुड़े किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट, कृषि यंत्र, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।
कागजों तक सीमित न रहे शिकायतों का निस्तारण
जिलाधिकारी ने लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समस्या का वास्तविक समाधान धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन में वृद्धि पर्याप्त नहीं है। उपज के उचित मूल्य, भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार की उपलब्धता पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। एफपीओ इस दिशा में किसानों और बाजार के बीच मजबूत कड़ी की भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक में अधिकारियों ने किसानों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी को दी। इस दौरान जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, एफपीओ प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
