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पूर्वांचल में विकास की रफ्तार तेज, योगी बोले- युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं, चाहिए सिर्फ सही मंच

पूर्वांचल में विकास की रफ्तार तेज, योगी बोले- युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं, चाहिए सिर्फ सही मंच

CM योगी बोले- अब पूर्वांचल के युवाओं को पिछड़ेपन और बेरोजगारी से जोड़ना बंद करें

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में विकास, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखा है। मंगलवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय पूर्वांचल की पहचान माफिया और मच्छर से होती थी, लेकिन आज दोनों कहीं दिखाई नहीं देते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ जैसी स्थिति थी, जबकि आज उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ से हो रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार और विकास की गति बढ़ने से पूर्वांचल की तस्वीर तेजी से बदली है।

युवाओं को पिछड़ेपन से जोड़ना गलत

सीएम योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को अब पिछड़ेपन, बेरोजगारी या नशे से जोड़कर देखने का समय समाप्त हो चुका है। आज युवाओं के सामने शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्योग के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि यदि पहले युवाओं की प्रतिभा का समुचित उपयोग नहीं हो सका तो इसके लिए युवा जिम्मेदार नहीं थे। कमी उस व्यवस्था में थी, जो उनकी क्षमता और प्रतिभा को सही मंच उपलब्ध नहीं करा सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार युवाओं को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

काशी और अयोध्या का उदाहरण देकर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक गांधी जी के नाम पर सत्ता में रहने वालों ने उनके सपनों को जमीन पर उतारने का गंभीर प्रयास नहीं किया। उन्होंने काशी का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1916 में महात्मा गांधी जब काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे थे, तो संकरी गलियों और गंदगी को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई थी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम का भव्य स्वरूप पूरी दुनिया के सामने है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अयोध्या समेत प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन रही है।

पूर्वांचल बन रहा मेडिकल हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियों के कारण चर्चा में रहने वाला गोरखपुर आज स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन चुका है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और गोरखपुर में एम्स की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और सिद्धार्थनगर सहित पूर्वांचल के कई जिलों में मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और संचालन से लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे गंभीर इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत भी कम हुई है।

बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश को मिला बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के साथ प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में भी तेजी से सुधार हुआ है। इसका सीधा असर निवेश और रोजगार के अवसरों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के बड़े उद्यमी भी अब उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

गोरखपुर-लखनऊ यात्रा का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां इस सफर में करीब आठ घंटे लगते थे, वहीं अब यह दूरी लगभग तीन घंटे में पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले गोरखपुर से सीमित हवाई सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब यहां से 14 उड़ानें संचालित हो रही हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित यूपी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश का विकसित होना जरूरी है।

उन्होंने पूर्वांचल के युवाओं को क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही अवसर और उपयुक्त मंच उपलब्ध कराने की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पूर्वांचल के युवा आने वाले समय में क्षेत्र को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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