10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
गोरखपुर। जिले में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बड़ी लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने परियोजनावार भौतिक प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिन परियोजनाओं की गति धीमी है, उनमें तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में निर्धारित मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की नियमित जांच कराई जाए। अधिकारियों को मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और प्रगति का सत्यापन करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाएं जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यदायी संस्थाओं को अपने स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के साथ विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिनमें धनराशि, भूमि, तकनीकी स्वीकृति या अन्य कारणों से काम प्रभावित हो रहा है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को ऐसी समस्याओं की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी समय से पूरी कराने के निर्देश दिए। कहा कि परियोजनाओं का निर्माण पूरा होने के बाद उसका लाभ आमजन को समय पर मिलना चाहिए।
डीएम ने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के साथ मौके पर सत्यापन करने और आपसी समन्वय से कार्यों को आगे बढ़ाने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी शशिकांत सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
