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किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने का आरोप, कुली ने एसएसपी से मांगी कार्रवाई

किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने का आरोप, कुली ने एसएसपी से मांगी कार्रवाई

गोरखपुर। किडनी स्टोन का इलाज कराने पार्क मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे एक कुली ने ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने और दाहिनी किडनी को गंभीर क्षति पहुंचने का आरोप लगाया है। खोराबार थाना क्षेत्र के छितौना निवासी राजा राम पुत्र स्व. सभापति केवट ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।

उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कराने, मामले की निष्पक्ष जांच और स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित कर चिकित्सकीय परीक्षण कराने की मांग की है।

राजा राम के मुताबिक, वह कुली का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता है। किडनी में स्टोन की समस्या होने पर वह पार्क मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि चिकित्सकों को पहले से उसके शरीर की आंतरिक संरचना से संबंधित साइटस इनवर्सस की जानकारी थी।

इसके बावजूद एक अगस्त 2026 को उसका ऑपरेशन किया गया। शिकायत में ऑपरेशन से पहले दी गई जानकारी, सूचित सहमति और ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक से जुड़े बिंदुओं की भी जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उसे बताया गया कि स्टोन नहीं मिला और स्टेंट डाला गया है। आगे दोबारा प्रक्रिया की आवश्यकता बताई गई। इसके बाद उसकी परेशानी बढ़ती गई। उसे तेज दर्द, पेशाब में दिक्कत और रक्तस्राव की समस्या हुई। आरोप है कि उसका हीमोग्लोबिन करीब 6.9 ग्राम तक पहुंच गया, जिसके बाद उसे दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

लखनऊ में इलाज कराने का दावा

राजा राम की पत्नी के अनुसार, गंभीर स्थिति के बावजूद उसे पार्क अस्पताल से दो बार डिस्चार्ज किया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिवार उसे जय अस्पताल ले गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। इसके बाद उसे मेदांता अस्पताल ले जाया गया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि वहां जांच और उपचार के दौरान डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान हुई कथित क्षति के कारण उसकी दाहिनी किडनी के गंभीर रूप से प्रभावित होने की जानकारी दी।

हालांकि, किडनी को हुई क्षति और उपचार के दौरान किसी चिकित्सकीय लापरवाही की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच मेडिकल बोर्ड से कराने की मांग की है।

इलाज के कारण काम छूटा, आर्थिक संकट का दावा

राजा राम ने बताया कि पिछले करीब दो महीने से वह पाइप के सहारे जीवन गुजार रहा है। दर्द और लगातार उपचार के कारण उसकी सामान्य दिनचर्या प्रभावित है। वह कुली का काम भी नहीं कर पा रहा है। परिवार का कहना है कि इलाज और आगे की चिकित्सा के लिए कर्ज लेना पड़ा है और लगातार बढ़ते खर्च के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।

55 हजार रुपये नकद लेने का आरोप

शिकायत में अस्पताल में 55 हजार रुपये नकद लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। राजा राम के अनुसार, 31 जुलाई को 20 हजार रुपये, एक अगस्त को 20 हजार रुपये और आईसीयू उपचार के दौरान 15 हजार रुपये लिए गए। परिवार का दावा है कि अस्पताल में इलाज, जांच, दवाइयों, रक्त, एंबुलेंस और अन्य खर्चों को मिलाकर अब तक करीब 3.86 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

शिकायतकर्ता ने इन भुगतान और उपचार संबंधी रिकॉर्ड की जांच कराने के साथ ही आयुष्मान भारत योजना से जुड़े दावों और अस्पताल के रिकॉर्ड का सत्यापन कराने की मांग की है। उसने एसएसपी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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