गोरखपुर में मनाई गई वीर शिरोमणि रुपन बारी की जयंती, एकजुटता का संदेश
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश राज्य बारी संघ की गोरखपुर इकाई की ओर से रविवार को साहबगंज स्थित किराना अतिथि भवन में वीर शिरोमणि रुपन बारी की जयंती मनाई गई। समारोह में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और योगदान को याद करते हुए समाज के लोगों से शिक्षा को प्राथमिकता देने, आपसी एकता बनाए रखने और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता परमेश्वर प्रसाद बारी ने की, जबकि संचालन संघ के महामंत्री प्रेमशंकर बारी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येन्द्र बारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि सत्येन्द्र बारी ने कहा कि वीर शिरोमणि रुपन बारी का जीवन साहस, पराक्रम और कर्मठता का प्रतीक है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज को आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बारी समाज के लोगों को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ सामाजिक एकता को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने राजनीतिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए लोगों का जागरूक होना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाना जरूरी है। एकजुटता और शिक्षा के माध्यम से ही समाज अपनी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल कर सकता है।
समारोह में अन्य वक्ताओं ने भी समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने की आवश्यकता पर विचार रखे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
अध्यक्षीय संबोधन में अधिवक्ता परमेश्वर प्रसाद बारी ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेद दूर कर सामूहिक हित में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वार्थ से ऊपर उठकर शिक्षा, संगठन और सहयोग को प्राथमिकता देने से समाज को नई दिशा मिल सकती है।
समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य बारी संघ की गोरखपुर इकाई के पदाधिकारी, सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से वीर शिरोमणि रुपन बारी के आदर्शों को याद करते हुए समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता का संदेश दिया गया।
