गांवों की सुरक्षा करने वालों को बड़ा तोहफा, ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान
गोरखपुर। पुलिस लाइन में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मेलन में ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पुलिस और ग्राम प्रहरियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा महिला सुरक्षा को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने ग्राम प्रहरियों को पुलिस व्यवस्था का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की सतर्कता और पुलिस के साथ बेहतर तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
मंडलायुक्त ने अलीगढ़ में जिलाधिकारी रहते हुए हुई एक घटना का जिक्र करते हुए ग्राम प्रहरियों की सक्रियता और सतर्कता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और लोगों से भली-भांति परिचित होते हैं। ऐसे में उनकी ओर से समय पर दी गई सूचना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ग्राम प्रहरियों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मानदेय बढ़ाकर 3500 रुपये करने की घोषणा
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली से ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने प्रदेश के ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने तथा प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि गांवों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध मामलों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि शहरों में सीसीटीवी कैमरे जिस प्रकार संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और अपराधों के खुलासे में सहायक होते हैं, उसी प्रकार गांवों में ग्राम प्रहरी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सूचना स्रोत के रूप में कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से टीम भावना के साथ काम करने, अपने गांव की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने और किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तत्काल संबंधित थाने को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों में सुरक्षा का बेहतर माहौल तैयार होने से विकास और आत्मनिर्भरता को भी गति मिलेगी।

मिशन शक्ति में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मी सम्मानित
कार्यक्रम में एडीजी जोन रामकुमार ने मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सराहनीय योगदान देने वाली महिला उपनिरीक्षकों और महिला कांस्टेबलों को सम्मानित किया गया। एडीजी ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा का भरोसा जगाने तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उन्हें सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों, जनसंवाद और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने पुलिस और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि किसी भी परेशानी की स्थिति में पुलिस उनकी सहायता के लिए तत्पर है।

ग्रामीण सुरक्षा में समन्वय पर जोर
सम्मेलन में ग्राम प्रहरियों और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने को ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्राम प्रहरी स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों और संभावित समस्याओं की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महिला सुरक्षा के मामलों में भी उनकी सतर्कता और समय पर सूचना पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती है।
कार्यक्रम में ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, खजनी विधायक श्रीराम चौहान, एडीजी जोन रामकुमार, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन में करीब 500 ग्राम प्रहरियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में ग्राम प्रहरियों की भूमिका को रेखांकित करने के साथ मिशन शक्ति के तहत महिला पुलिसकर्मियों के योगदान को भी सम्मान दिया गया। सम्मेलन में यह संदेश दिया गया कि पुलिस, ग्राम प्रहरी और आमजन के सामूहिक प्रयासों से गांवों में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और सामाजिक विश्वास को और मजबूत बनाया जा सकता है।
