घघसरा में भागवत कथा: “भगवन् मुझे बचा लो, जगत सब मिथ्या है”- आचार्य विजय नाथ
घघसरा। नगर पंचायत घघसरा के वार्ड संख्या-15 स्थित मंदिर नगर नचनी में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य विजय नाथ पाण्डेय ने व्यास पीठ से गजेंद्र मोक्ष की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जब मनुष्य अपने अहंकार और मोह में फंस जाता है, तब उसे भगवान की शरण ही जीवन का सच्चा सहारा दिखाई देती है।
उन्होंने कहा, “भगवन् मुझे बचा लो, यह जगत सब मिथ्या है। हम माया और परिवार में ठगे गए हैं। आप ही सत्य और करुणा के सागर हैं, प्रभु मेरी रक्षा करें।” आचार्य ने बताया कि यह करुण पुकार गजेंद्र की थी, जिसे अपने बल और परिवार पर अत्यधिक घमंड था।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि एक दिन जलक्रीड़ा करते समय ग्राह (मगरमच्छ) ने गजेंद्र का पैर पकड़ लिया। वर्षों तक संघर्ष चलता रहा। गजेंद्र ने अपनी पूरी शक्ति लगा दी और परिवार के लोग भी कुछ समय तक साथ देते रहे, लेकिन समय बीतने के साथ सभी उसका साथ छोड़कर चले गए। अंततः निराश और पीड़ित गजेंद्र ने भगवान विष्णु को पुकारते हुए कहा कि यह संसार स्वार्थ से भरा है और अंतिम समय में केवल प्रभु ही सच्चे सहायक हैं।
आचार्य विजय नाथ पाण्डेय ने कहा कि भक्त की करुण पुकार सुनकर भगवान का हृदय द्रवित हो गया और उन्होंने तत्काल प्रकट होकर ग्राह का वध कर गजेंद्र को जीवनदान दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान की भक्ति और सत्संग को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान शतीस चौरसिया, किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता हुबलाल यादव, कल्लू चौरसिया, चंद्रभान यादव, कमलेश चौरसिया, राम बचन चौरसिया, घनश्याम, कुल्लू, रामजी यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
