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सहजनवा के बरौली शिव मंदिर में पानी का संकट, खराब नल से श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

सहजनवा के बरौली शिव मंदिर में पानी का संकट, खराब नल से श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानीगोरखपुर। सहजनवा ब्लॉक के बरौली गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में लंबे समय से खराब पड़ा नल श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। मंदिर परिसर में जलापूर्ति के लिए लगाया गया नल कई महीनों से खराब बताया जा रहा है। नल के आसपास झाड़ियां उग आई हैं, जिससे उसकी उपेक्षा की स्थिति भी दिखाई दे रही है।  ग्रामीणों के मुताबिक प्राचीन शिव मंदिर में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए मंदिर परिसर में पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन नल खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  ग्रामीणों का कहना है कि आगामी दिनों में दुर्गा पूजा सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि नल की मरम्मत समय रहते नहीं कराई गई तो पानी की समस्या और बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।  ग्रामीणों का आरोप है कि नल के लंबे समय से खराब होने की जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को दी गई है, इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार विभाग मौके का निरीक्षण कर खराब नल को जल्द ठीक कराए, ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए परेशानी न उठानी पड़े।  ग्रामीणों ने कहा कि धार्मिक स्थल पर पेयजल और जलाभिषेक जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़ी सुविधा का लंबे समय तक खराब रहना उचित नहीं है। उनका कहना है कि आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग को इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना चाहिए।  इस दौरान अजय उपाध्याय, हरेंद्र उपाध्याय, दिव्यांशु उपाध्याय, अतिमुनि अगस्त उपाध्याय तथा शिव मंदिर के पुजारी अमन गोस्वामी मौजूद रहे।

गोरखपुर। सहजनवा ब्लॉक के बरौली गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में लंबे समय से खराब पड़ा नल श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। मंदिर परिसर में जलापूर्ति के लिए लगाया गया नल कई महीनों से खराब बताया जा रहा है। नल के आसपास झाड़ियां उग आई हैं, जिससे उसकी उपेक्षा की स्थिति भी दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक प्राचीन शिव मंदिर में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए मंदिर परिसर में पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन नल खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि आगामी दिनों में दुर्गा पूजा सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि नल की मरम्मत समय रहते नहीं कराई गई तो पानी की समस्या और बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नल के लंबे समय से खराब होने की जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को दी गई है, इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार विभाग मौके का निरीक्षण कर खराब नल को जल्द ठीक कराए, ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

ग्रामीणों ने कहा कि धार्मिक स्थल पर पेयजल और जलाभिषेक जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़ी सुविधा का लंबे समय तक खराब रहना उचित नहीं है। उनका कहना है कि आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग को इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना चाहिए।

इस दौरान अजय उपाध्याय, हरेंद्र उपाध्याय, दिव्यांशु उपाध्याय, अतिमुनि अगस्त उपाध्याय तथा शिव मंदिर के पुजारी अमन गोस्वामी मौजूद रहे।

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