गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर मंदिर तक निकलेगी भव्य शोभायात्रा, छतों पर तैनात रहेंगे सुरक्षाकर्मी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर मंदिर तक निकलने वाली भव्य शोभायात्रा को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के उद्देश्य से सोमवार को ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ रिहर्सल किया गया। इस दौरान शोभायात्रा के निर्धारित मार्ग, सुरक्षा प्रबंधों और जिम्मेदारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए और सभी कर्मी पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
शोभायात्रा की सुरक्षा तैयारियों के मद्देनजर डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ की मौजूदगी में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर मंदिर तक निकलने वाली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आम लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रिहर्सल के माध्यम से ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया, ताकि शोभायात्रा के दौरान किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

शोभायात्रा की तैयारियों में एसपी सिटी निमिष पाटिल, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसपी मंदिर सुरक्षा संतोष कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं सीओ कैंट अरुण कुमार सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल और सीओ गोरखनाथ रवि सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने संबंधित ड्यूटी प्वाइंटों पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश दिए।
शोभायात्रा के दौरान भीड़ की स्थिति पर नजर रखने, श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने और निर्धारित मार्ग पर सुरक्षा प्रबंधों को प्रभावी रखने के लिए पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। सुरक्षा व्यवस्था में लगे सभी कर्मियों को अपनी निर्धारित ड्यूटी पर समय से पहुंचने और पूरे कार्यक्रम के दौरान मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री की शोभायात्रा को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी, एटीएस और खुफिया विभाग के अधिकारी एवं जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। शोभायात्रा मार्ग और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग के आसपास की इमारतों की छतों पर भी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके।
शोभायात्रा के दौरान ड्रोन के माध्यम से मार्ग और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। इससे भीड़ की स्थिति, लोगों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर रखने में मदद मिलेगी। एटीएस की तैनाती के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क रहेंगी और आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगी। पुलिस और खुफिया इकाइयों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहने तथा आवश्यक सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पूरी व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
रिहर्सल के दौरान सीओ ओंकार दत्त तिवारी, अनुराग सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शोभायात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने पर जोर दिया। गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर मंदिर तक निकलने वाली यह शोभायात्रा धार्मिक और पारंपरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पुलिस और प्रशासन का लक्ष्य मुख्यमंत्री की शोभायात्रा को भव्यता के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में संपन्न कराना है।
