×

80 वर्षीय गांजा विक्रेता गिरफ्तार, असली कारोबारी तक कब पहुंचेगा पुलिस का हाथ?

गोरखपुर के गीडा में पुलिस ने करीब 80 वर्षीय व्यक्ति को एक किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद कथित अवैध कारोबार के नेटवर्क और मुख्य सप्लायर को लेकर सवाल उठे हैं।

गोरखपुर/गीडा। गीडा थाना क्षेत्र में कथित अवैध गांजा बिक्री के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 80 वर्षीय एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से करीब एक किलो गांजा बरामद किया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जहां अवैध मादक पदार्थ की बिक्री के खिलाफ अभियान को लेकर चर्चा तेज हुई है, वहीं गिरफ्तारी के साथ ही कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि गीडा सेक्टर-15 से लेकर जीरो प्वाइंट के आसपास लंबे समय से गांजा बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी मामले से जुड़ी एक कथित पड़ताल के दौरान गांजा बिक्री के आरोपों से जुड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति से बातचीत सामने आई थी।

बातचीत में कथित तौर पर उसने लंबे समय से इस कारोबार से जुड़े होने और अपने पीछे किसी दूसरे व्यक्ति के होने का दावा किया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि गिरफ्तार व्यक्ति केवल गांजा बेचने वाला था, तो उसके पीछे कथित तौर पर मौजूद मुख्य कारोबारी कौन है। मादक पदार्थ की आपूर्ति कहां से होती थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर लंबे समय से गांजा बिक्री को लेकर शिकायतों की चर्चा के बीच अब पुलिस की जांच पर लोगों की नजर है। सवाल यह भी है कि क्या एक व्यक्ति की गिरफ्तारी और करीब एक किलो गांजे की बरामदगी के बाद पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी या कार्रवाई यहीं तक सीमित रह जाएगी।

मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि सप्लायर और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच भी अहम होती है। ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती बरामद गांजे के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की भी है।

हालांकि, गिरफ्तार बुजुर्ग के खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित नेटवर्क से जुड़े दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की विवेचना में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी गांजा कहां से प्राप्त करता था, इसकी बिक्री में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

अब देखना होगा कि गीडा पुलिस की आगे की जांच किस दिशा में बढ़ती है। क्या पुलिस सिर्फ गांजा बरामदगी और गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित रखेगी या फिर सप्लायर और कथित मुख्य कारोबारी तक भी पहुंच पाएगी। फिलहाल, इस कार्रवाई ने गीडा क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर पहले से उठ रहे सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।

Share this story