आयकर विभाग ने मारा इस फर्म पर छापा, ज़ब्त हुए करोडो रुपये जानिए किसके है?
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आयकर विभाग ने हैदराबाद स्थित हेटरो फार्मास्यूटिकल समूह पर हाल में की गई छापेमारी के बाद 550 करोड़ रुपये की “बेहिसाबी” आय का पता लगाया है और 142 करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि जब्त की है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया। कंपनी के अधिकारियों से फिलहाल इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं मिल पाई है। आयकर विभाग द्वारा छह अक्टूबर को करीब छह राज्यों में लगभग 50 स्थानों पर छापे मारे थे।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में बताया, “छापेमारी के दौरान, कई बैंक लॉकरों का पता चला जिनमें से 16 लॉकर चालू स्थिति में थे। छापेमारी में अब तक 142.87 करोड़ की बेहिसाबी नकद राशि जब्त की गई है।” इसने कहा, “पता लगाई गई बेहिसाबी आय अब तक तकरीबन 550 करोड़ रुपये तक की है।”

CBDT ने कहा कि हेटरो ग्रुप फार्मास्यूटिकल उत्पादों के प्रोडक्शन, फॉर्मूलेशन के निर्माण आदि के कारोबार में लगा हुआ है। इसके अधिकांश उत्पादों को अमेरिका और दुबई जैसे देशों और कुछ अफ्रीकी और यूरोपीय देशों को निर्यात किया जाता है। हेटरो ग्रुप COVID-19 के इलाज के लिए रेमेडिसविर और फेविपिरवीर  जैसी विभिन्न दवाओं को लेकर भी सुर्खियों में आया। इसकी भारत, चीन, रूस, मिस्र, मैक्सिको और ईरान में 25 से अधिक जगहों पर उत्‍पादन फैसिलिटी हैं। कंपनी ने पिछले महीने कहा था कि उसे अस्पताल में भर्ती वयस्कों में COVID-19 के इलाज के लिए Tocilizumab के बायोसिमिलर वर्जन के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया  से आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल गई है।

गौरतलब है कि 7,500 करोड़ रुपये वाली ये फार्मा कंपनी उन फर्मों में से एक है, जिसने भारत में COVID-19 वैक्सीन Sputnik V के निर्माण के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के साथ करार किया है।

गट्ठरों में मिले पैसे
इसने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान ठिकानों की पहचान की गई जहां बही-खातों और नकदी का दूसरा गट्ठर मिला। सीबीडीटी ने कहा, “डिजिटल मीडिया, पेन ड्राइव, दस्तावेजों आदि के रूप में अपराध साबित करने वाले दस्तावेज मिले जिन्हें जब्त कर लिया गया और समूह द्वारा बनाए गए एसएपी और ईआरपी सॉफ्टवेयर से डिजिटल "साक्ष्य" एकत्र किए गए।”

कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने और कोविड-19 के इलाज के लिए रेमेडेसिविर और फेविपिरावीर जैसी विभिन्न दवाएं विकसित करने के कामों में शामिल रहने के कारण हेटरो समूह सुर्खियों में रहा था। हेटरो समूह के भारत, चीन, रूस, मिस्र, मैक्सिको और ईरान में 25 में अधिक उत्पादन केंद्र हैं।

हेटरो ने पिछले महीने कहा था कि उसे अस्पताल में भर्ती वयस्कों में कोविड -19 के इलाज के लिए टोसीलिज़ुमैब के बायोसिमिलर (पारंपरिक दवा से मिलता-जुलता) संस्करण के लिए भारत के औषधि माहनियंत्रक (डीसीजीआई) से आपातकालीन उपयोग की अनुमति मिली है। उल्लेखनीय है कि यह फार्मा कंपनी उन कंपनियों में शामिल है, जिसने भारत में कोविड-19 के टीके स्पुतनिक वी के विनिर्माण के लिए रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के साथ करार किया है।

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