अनोखी शादी! मायके से बरात लेकर ससुराल पहुंची दुल्हन, पैदल तय किया 18 किमी का सफर
देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव आज भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सड़क नहीं होने के कारण एक दुल्हन को अपनी शादी के बाद करीब 18 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी गांवों में आवागमन की समस्या और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को चर्चा में ला दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्गम क्षेत्र में सड़क संपर्क नहीं होने के कारण दुल्हन और बारात से जुड़े लोगों को लंबा रास्ता पैदल तय करना पड़ा। शादी जैसे खुशी के अवसर पर भी सड़क सुविधा की कमी के चलते परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद क्षेत्र में सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवाज उठने लगी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क का अभाव केवल आवागमन तक सीमित समस्या नहीं है। इसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में भी देखने को मिलता है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, जरूरी सामान लाने और अन्य दैनिक कार्यों के लिए ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
इस मामले ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने भी सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को प्रमुखता से उठाने का मुद्दा खड़ा किया है। स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग गांवों की स्थिति का आकलन कर सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
