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कांगड़ा के दो और ऐतिहासिक मंदिरों में शुरू हुई डिजिटल पूजा सेवा, अब 'श्री मंदिर' ऐप से होगी पूजा-अर्चना

कांगड़ा के दो और ऐतिहासिक मंदिरों में शुरू हुई डिजिटल पूजा सेवा, अब 'श्री मंदिर' ऐप से होगी पूजा-अर्चना

श्रावण और नवरात्रि के पावन अवसरों से पहले हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला प्रशासन ने 'श्री मंदिर' ऐप के सहयोग से जिले के दो और ऐतिहासिक मंदिरों में डिजिटल पूजा सेवाओं का विस्तार किया है। इस पहल के तहत अब श्रद्धालु भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी हिस्से से मंदिरों की परंपराओं के अनुरूप अधिकृत पूजा-अर्चना में भाग लेने के साथ पारंपरिक चढ़ावा भी अर्पित कर सकेंगे।

'श्री मंदिर' ऐप के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशांत सचान ने बताया कि मंदिर सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में कांगड़ा जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के साथ यह सहयोग उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ऐप के माध्यम से उपलब्ध प्रत्येक पूजा सेवा संबंधित मंदिर प्रबंधन के समन्वय और स्थापित धार्मिक परंपराओं के अनुरूप ही संपन्न कराई जाती है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और पूजा की प्रामाणिकता पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी भारतीयों, दिव्यांगजनों तथा स्वास्थ्य, आर्थिक, व्यावसायिक या भौगोलिक कारणों से मंदिर नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी होगी।

कांगड़ा के दो और ऐतिहासिक मंदिरों में शुरू हुई डिजिटल पूजा सेवा, अब 'श्री मंदिर' ऐप से होगी पूजा-अर्चना

श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर और श्री चामुंडा देवी मंदिर में डिजिटल पूजा एवं चढ़ावा सेवाओं की सफलता के बाद अब यह सुविधा श्री बैजनाथ मंदिर और श्री महाकाल मंदिर तक भी विस्तारित कर दी गई है। नागर शैली की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध लगभग 800 वर्ष प्राचीन श्री बैजनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जबकि मध्यकालीन श्री महाकाल मंदिर भी प्रमुख शिवधामों में शामिल है, जहां पूजा-अर्चना को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है।

प्रारंभिक चरण में शामिल श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर और श्री चामुंडा देवी मंदिर के माध्यम से लगभग 60 हजार श्रद्धालु 'श्री मंदिर' ऐप से जुड़े। इनमें सर्वाधिक 27 प्रतिशत श्रद्धालु महाराष्ट्र से रहे, जबकि दिल्ली-एनसीआर से 23 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश से 19 प्रतिशत और कर्नाटक से 10 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने डिजिटल पूजा सेवाओं का लाभ उठाया। यह आंकड़े देशभर में कांगड़ा के मंदिरों से डिजिटल रूप से जुड़ने की बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं।

कांगड़ा जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जिले की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से तकनीक का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल मंदिर सेवाएं अधिक सुलभ होंगी, बल्कि कांगड़ा की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पहचान को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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