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पुरुषों को भी मिलेगी गर्भनिरोधक गोली? संबंध बनाने से 30 मिनट पहले लेने की योजना, कुछ घंटे तक रहेगा प्रभाव

पुरुषों को भी मिलेगी गर्भनिरोधक गोली? संबंध बनाने से 30 मिनट पहले लेने की योजना, कुछ घंटे तक रहेगा प्रभाव

नई दिल्ली। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में वैज्ञानिक एक नई गर्भनिरोधक गोली विकसित कर रहे हैं। अमेरिका के वेल कॉर्नेल मेडिसिन के शोधकर्ता ऐसी प्रायोगिक दवा पर काम कर रहे हैं, जो शुक्राणुओं की गति को अस्थायी रूप से रोककर गर्भधारण की संभावना कम कर सकती है। इस गोली की खासियत यह है कि इसे रोजाना लेने के बजाय जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने की योजना है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रस्तावित गोली संबंध बनाने से लगभग 30 मिनट पहले ली जा सकेगी और इसका प्रभाव करीब छह से आठ घंटे तक रह सकता है। इसके बाद दवा का असर समाप्त होने पर शुक्राणुओं की गति और प्रजनन क्षमता सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, ये संभावित प्रभाव अभी मानव परीक्षणों में साबित होना बाकी हैं।

शुक्राणुओं की गति रोकने पर आधारित है तकनीक

इस गर्भनिरोधक पर वेल कॉर्नेल मेडिसिन के फार्माकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. जोचेन बक और डॉ. लॉनी लेविन की टीम काम कर रही है। यह दवा शरीर में शुक्राणुओं के निर्माण को रोकने के बजाय उनकी गति को नियंत्रित करने पर केंद्रित है।

शोध में सॉल्यूबल एडेनिलिल साइक्लेज (sAC) नामक एंजाइम को निशाना बनाया जा रहा है। यह एंजाइम शुक्राणुओं को सक्रिय होकर आगे बढ़ने में मदद करता है। वैज्ञानिकों का उद्देश्य इस एंजाइम की गतिविधि को कुछ समय के लिए रोकना है, ताकि शुक्राणु महिला के प्रजनन तंत्र में अंडाणु तक पहुंचने में सक्षम न रहें और निषेचन की संभावना कम हो सके।

वर्ष 2023 में प्रकाशित शुरुआती शोध में पशुओं पर इस तकनीक के उत्साहजनक परिणाम सामने आए थे। अब वैज्ञानिक इसे मनुष्यों में इस्तेमाल के लिए विकसित करने और इसकी सुरक्षा का आकलन करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

शोध के लिए मिली 8.2 मिलियन डॉलर की सहायता

इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए शोधकर्ताओं को अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट से चार साल के लिए 8.2 मिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता मिली है। इसका उपयोग दवा की सुरक्षा संबंधी जांच, आवश्यक परीक्षणों और शुरुआती मानव क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी में किया जाएगा।

अगले चरण में स्वस्थ पुरुषों पर पहले चरण का क्लीनिकल ट्रायल करने की योजना है। इसमें दवा की सुरक्षा, संभावित दुष्प्रभाव, शुक्राणुओं की गति पर इसके प्रभाव और दवा का असर अस्थायी होने जैसे पहलुओं की जांच की जाएगी। इसके लिए प्रतिभागियों के शुक्राणुओं के नमूनों का भी परीक्षण किया जाएगा।

बाजार में आने में लगेगा समय

फिलहाल पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक के प्रमुख विकल्प कंडोम और नसबंदी हैं। नई गोली सफल होती है तो परिवार नियोजन में पुरुषों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकता है। इससे गर्भनिरोधक की जिम्मेदारी को दंपती के बीच अधिक समान रूप से साझा करने में भी मदद मिल सकती है।

हालांकि, यह गोली अभी बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसके सुरक्षित और प्रभावी होने की पुष्टि के लिए मानव परीक्षणों सहित कई चरणों की जांच जरूरी होगी। शुरुआती परीक्षण सफल होने के बाद भी यह तय नहीं माना जा सकता कि दवा गर्भधारण रोकने में प्रभावी होगी। फिलहाल इसके बाजार में आने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

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