वीरता और शौर्य की प्रतीक महारानी लक्ष्मीबाई - मधुबाला सक्सेना
वीरता और शौर्य की प्रतीक महारानी लक्ष्मीबाई - मधुबाला सक्सेना

मध्यप्रदेश। गुना सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फ्रेंड्स कॉलोनी कैंट विद्यालय में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत महारानी लक्ष्मी बाई की जन्म जयंती पर मातृ सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि मधुबाला सक्सेना (भारतीय शिक्षा मंडल प्रांत उपाध्यक्ष), एवं विशेष अतिथि आशा किरण कौर अधिवक्ता एवं उमा शर्मा उपाध्यक्ष मां पीतांबरा बाल कल्याण समिति एवं संध्या निगडीकर के साथ आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय व्यास मंचासीन रहे।


मुख्य अतिथि मधुबाला सक्सेना ने महारानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर अनेक प्रसंगों को सुनाया और बताया कि शौर्य वीरता की प्रतीक महारानी लक्ष्मीबाई रही हैं। जिन्होंने छोटी सी उम्र में अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी, 1857 क्रांति का शंखनाद रानी लक्ष्मी बाई के द्वारा किया गया, कार्यक्रम में संस्था के प्राचार्य कुलदीप भारद्वाज ने आजादी के अमृत महोत्सव एवं मातृ सम्मेलन की भूमिका से अवगत कराया। कार्यक्रम का आभार आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय व्यास ने किया तथा संचालन आशा रघुवंशी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से नीलू यादव, अनुसूया रघुवंशी,  आनंद शर्मा, मुन्ना लाल सैनी, गौरव सेन के साथ विद्यालय में पढ़ने वाले भैया बहनों की माताएं अधिक संख्या में उपस्थित रहे।

Share this story