अब बिना इंटरनेट के भी कर सकेंगे पैसों का लेन-देन, RBI गवर्नर ने दी जानकारी
अब बिना इंटरनेट के भी कर सकेंगे पैसों का लेन-देन, RBI गवर्नर ने दी जानकारी

Digital Payment in Offline Mode:  पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल पेमेंट सर्विस का यूज काफी बढ़ा है। नकदी के माध्यम से कोरोनावायरस के स्प्रेड होने के डर ने दुकानदारों और ग्राहकों को भुगतान के डिजिटल तरीकों को चुनने के लिए प्रोत्साहित किया। इस वजह से इंटरनेट का यूज भी बढ़ा। ऐसे में क्या हो यदि आप एक लेन-देन के बीच में हों और अचानक इंटरनेट नहीं चले। आज हम आपकी इसी समस्या का उपाय लाएं हैं।

डिजिटल ट्रांजेक्शन ऑफलाइन करने का उपाय है, इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है। अब आप बिना इंटरनेट के भी Google Pay, PhonePe, Paytm से किसी को पैसे भेज सकते हैं। बिना इंटरनेट के UPI का उपयोग करने के लिए आपको बस अपने फोन के डायलर पर *99# यूएसएसडी कोड का उपयोग करना है।


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को एमपीसी यानी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में हुए फैसलों का ऐलान किया है।इसमें उन्होंने बताया कि RBI ने देश भर में ऑफलाइन मोड में रिटेल डिजिटल पेमेंट के लिए फ्रेमवर्क पेश करने का प्रस्ताव किया है।

इंटरनेट कनेक्शन में दिक्कतें आने पर भुगतान करने में मिलेगी मदद

आरबीआई ने एलान किया कि ऑफलाइन पेमेंट की व्यवस्था को पूरे देश में उपलब्ध किया जाएगा। एलान के मुताबिक, जिन ग्राहकों को इंटरनेट कनेक्टिविटी में परेशानी का सामना करना पड़ता है, बिना इंटरनेट डिजिटल लेन-देन के लिए आपके पास अपना फोन और एक प्री-रजिस्टर्ड बैंक खाता होना चाहिए। खाते में पैसे होने जरूरी हैं। मालूम हो कि भारत में नवंबर 2012 में इस मामले में एक स्पेशल सर्विस शुरू की गयी थी। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने नॉन-स्मार्टफोन और सभी मोबाइल फोन यूजर्स के लिए *99# सर्विस पेश की थी। लेकिन बाद में इसे एकीकृत किया गया जिससे उपयोगकर्ता बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी UPI ट्रांजेक्शन कर सके। यदि आप सोच रहे हैं कि बिना नेट के UPI भुगतान कैसे करें, तो हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस बता रहे हैं।


बयान के मुताबिक, डेवलपमेंटल एंड रेगुलेटरी पॉलिसीज पर 6 अगस्त 2020 की तारीख वाले बयान में एक स्कीम का एलान किया गया था। इसमें इनोवेटिव टेक्नोलॉजी के पायलट टेस्ट किए जाने थे, जिसमें ऐसी स्थितियों में भी रिटेल डिजिटल पेमेंट्स की जा सकें, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कम या उपलब्ध नहीं हो। स्कीम के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में सितंबर 2020 से जून 2021 की अवधि के दौरान तीन पायलट को सफलतापूर्वक चलाया गया। इसमें पता चला कि ऐसे सोल्यूशन्स को खासकर दूरदराज के इलाकों में पेश किया जा सकता है। पायलट और बेहतरीन फीडबैक से मिले अनुभव को देखते हुए उसने देश भर में ऑफलाइन मोड में रिटेल डिजिटल पेमेंट्स करने के लिए फ्रेमवर्क पेश करने का प्रस्ताव किया है।

पायलट स्कीम में 2,000 रुपये थी कुल लिमिट

ऑफलाइन मोड में स्मॉल वैल्यू रिटेल ट्रांजैक्शन्स के लिए पायलट स्कीम को कार्ड्स और मोबाइल वॉलेट्स का इस्तेमाल करके किया गया था। पायलट स्कीम की गाइडलाइंस के मुताबिक, पेमेंट ट्रांजैक्शन की ऊपरी सीमा 200 रुपये थी और ऑफलाइन ट्रांजैक्शन के लिए कुल सीमा किसी भी समय पर 2,000 रुपये रखी गई थी। इसके अलावा ऐसे पेमेंट ट्रांजैक्शन्स को बिना ऐडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन के किया गया था।

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