सरकार देश में क्रिप्टो करेंसी पर शिकंजा कसने की तैयारी में है. सभी निजी क्रिप्टो करेंसी पर लगेगी पाबंदी
क्रिप्टो करेंसी
बिटकॉइन समेत सभी क्रिप्टो करेंसी बैन कर सकती है मोदी सरकार सरकार इसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र में बिल लाएगी.

उन तमाम लोगों की नींद अब उड़ने वाली है, जिन्होंने क्रिप्टो करेंसी में अपना पैसा लगा रखा है. दरअसल भारत सरकार जल्द ही क्रिप्टो करेंसी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने वाली है. संसद के शीतकालीन सत्र में जो नए बिल पेश किए जाएंगे, उनकी सूची में 10 वें नंबर पर क्रिप्टो करेंसी से जुड़ा बिल है. उसमें साफ-साफ लिखा है कि भविष्य में Reserve Bank Of India की ओर से जारी की जाने वाली क्रिप्टो करेंसी को छोड़कर बाकी सभी निजी क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. 

सरकार इसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र में 'द क्रिप्टो करेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिसियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 लाएगी.हालांकि इसमें कुछ Digital Currecnies जिनकी Technology महत्वपूर्ण है, उन्हें छूट दी जा सकती है. ये कौन सी क्रिप्टो करेंसी होंगी ये अभी साफ नहीं है. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि अगर ये बिल कानून बन गया तो भारत में भारत में क्रिप्टो करेंसी का बाज़ार हमेशा के लिए बदल जाएगा.इस बिल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से सरकारी डिजिटल करेंसी चलाने के लिए फ्रेमवर्क का प्रावधान होगा. इस बिल को लेकर लोकसभा बुलेटिन में सरकार की ओर से जानकारी दी गई है.

गौरतलब है कि वित्त मामलों की संसदीय समिति में क्रिप्टो करेंसी को लेकर चर्चा हुई थी जिसमें पाबंदी की बजाए नियमन का सुझाव दिया गया था. साथ ही, सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने का बिल भी संसद में पेश करेगी. संसद के शीतकालीन सत्र में कुल 29 बिल लाए जाने हैं. इनमें से 26 बिल नए होंगे. उस सूची में 10 वें नंबर पर क्रिप्टो करेंसी से जुड़ा बिल है

सूत्रो के अनुसार संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार की ओर से कृषि कानूनों को वापस लेने को लेकर भी एक बिल पेश किया जाना है. सूत्रो के अनुसार आज यानी 24 नवंबर को होने जा रही कैबिनेट की मीटिंग में कृषि कानून वापस लेने से संबंधित बिल पर चर्चा होगी, सूत्रों के मुताबिक तीनों कृषि कानून वापस लेने के लिए एक द फार्म लॉज रिपील बिल 2021 संसद में लाया जा सकता है. इशी के साथ सरकार क्रिप्टो करेंसी को लेकर सख्ती के मूड में नजर आ रही है

सरकार इसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र में 'द क्रिप्टो करेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिसियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 लाएगी, इस बिल से सभी निजी क्रिप्टो करेंसी पर पाबंदी लगेगी, क्रिप्टो करेंसी तकनीक के उपयोग को लेकर सरकार कुछ ढील भी दे सकती है. इस बिल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से सरकारी डिजिटल करेंसी चलाने के लिए फ्रेमवर्क का प्रावधान होगा

पिछले हफ्ते गुरुवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र् मोदी ने कहा था कि पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक देशों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि नए ज़माने की ये डिजिटल क्रिप्टो करेंसी गलत हाथों में ना पड़ जाए. अगर ऐसा हुआ तो कई युवाओं का भविष्य बर्बाद हो जाएगा. ये क्रिप्टो करेंसी पर भारत के प्रधानमंत्री का पहला बयान है.

इस समय पूरी दुनिया में 7 हज़ार से ज्यादा अलग अलग क्रिप्टो करेंसी चलन में हैं. ये एक प्रकार के डिजिटल सिक्के हैं, जबकि वर्ष 2013 तक दुनिया में सिर्फ एक ही क्रिप्टो करेंसी थी, जिसका नाम है BitCoin. इसे वर्ष 2009 में Launch किया गया था. BitCoin आज भी भारत समेत पूरी दुनिया में सबसे लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी है, जिसकी वर्ष 2010 में कीमत 75 पैसे भी नहीं थी. आज की तारीख में ये कीमत करीब 46 लाख रुपये है. 

यानी अगर किसी व्यक्ति ने आज से 11 साल पहले साढ़े सात रुपये में 10 BitCoin खरीदे होंगे तो वो आज की तारीख में 4 करोड़ 60 लाख रुपये का मालिक बन चुका होगा. क्रिप्टो करेंसी के दाम बढते भी तेज़ी से हैं और घटते भी तेज़ी से हैं. लेकिन जल्दी अमीर बनने की चाहत में ज्यादातर युवा ये जोखिम उठाने के लिए तैयार रहते हैं.

(हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हम ना तो क्रिप्टो करेंसी के समर्थन में हैं और ना ही हम इसके खिलाफ है. हम सिर्फ इससे संबंधित सभी तथ्य आपके सामने रख रहे हैं.)

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