रक्षा मंत्री की चेतावनी पर भड़का पाकिस्तान, कह डाली ये बड़ी बात
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भाषण देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमने पश्चिमी सीमा पर अपने पड़ोसी को साफ मैसेज दिया है कि अगर उसने सीमा लांघी तो हम ना केवल सीमाओं पर पलटवार करेंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में भी घुस जाएंगे और सर्जिकल एवं हवाई हमले करेंगे. उन्होंने कहा था कि पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखना भारत की संस्कृति है लेकिन कुछ लोगों को ये बात समझ नहीं आती. पाकिस्तान ने हमें चेतावनी दी थी कि भारत उसकी भूमि या क्षेत्र में प्रवेश करने की हिम्मत नहीं करेगा, लेकिन हमने दिखाया कि हम सर्जिकल स्ट्राइक करके ऐसा कर सकते हैं.

आतंक को अपने घर में जगह देना वाला 'आतंकिस्तान' और जमीन हथियाने वाला चीन, दोनों ही देश दुर्भाग्य से भारत के पड़ोसी है , जिनके कारण कही न कही भारत में चिंता बनी ही रहती है। जहाँ एक तरफ पाकिस्तान आतंक के जरिये भारत में अशांति फैलाने का काम करता रहता है और उसका दोस्त यानी चीन, पकिस्तान का साथ देता है।  लेकिन इन 'आतंकपरस्त' देशो को कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दे डाली।  

दरअसल, कल अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के रजत जयंती समारोह में शिरकत करने पहुंचे राजनाथ सिंह ने दो टूक करते हुए, कड़े शब्दों में कहा कि-" यदि पडोसी देशो ने भारत की एक इंच जमीन भी हथियाने किओ कोशिश की, तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। " 

उन्होंने कहा, "भारत के मंत्री की टिप्पणी पूरी तरह से भ्रामक है और इससे साफ होता है कि उनका अपने पड़ोसी देशों को लेकर क्या रुख है।  ये बात किसी से छिपी नहीं है कि भारत के लीडर्स पड़ोसी देशों पर उंगली उठाते हुए झूठ और कल्पनाओं में लिप्त रहते हैं।  अपनी इन हरकतों के सहारे भारतीय लीडर्स जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की कोशिश करना चाहते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ भारत का नफरत भरा अभियान पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उनकी बातों को मानने वाला कोई नहीं है। "

इस बयान में आगे कहा गया है, "पाकिस्तान किसी भी आक्रमण से अपना बचाव करने में पूरी तरह सक्षम है।  फरवरी 2019 में भारतीय दुस्साहस को विफल करने में पाकिस्तान की क्षमता और संकल्प की पूरी दुनिया गवाह बनी थी। कश्मीर में निर्दोष कश्मीरियों के खिलाफ गंभीर मानवाधिकारों के उल्लंघन और गंभीर अपराध किए जा रहे हैं। भारत सरकार की हताशा इस तथ्य से साफ होती है कि कश्मीर में अपने बेरोकटोक वालीं कार्रवाइयों के बावजूद, ये सरकार कश्मीरियों की आवाज को बंद कराने में नाकाम रही है।  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अपने विभिन्न प्रस्तावों में कश्मीरियों से किए गए आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग को खामोश कराने में भारतीय सरकार पूरी तरह से विफल रही है। "

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भाषण देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमने पश्चिमी सीमा पर अपने पड़ोसी को साफ मैसेज दिया है कि अगर उसने सीमा लांघी तो हम ना केवल सीमाओं पर पलटवार करेंगे, बल्कि उसके क्षेत्र में भी घुस जाएंगे और सर्जिकल एवं हवाई हमले करेंगे। उन्होंने कहा था कि पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखना भारत की संस्कृति है लेकिन कुछ लोगों को ये बात समझ नहीं आती।  पाकिस्तान ने हमें चेतावनी दी थी कि भारत उसकी भूमि या क्षेत्र में प्रवेश करने की हिम्मत नहीं करेगा, लेकिन हमने दिखाया कि हम सर्जिकल स्ट्राइक करके ऐसा कर सकते हैं। 

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