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बीमा नहीं तो तेल नहीं! बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश

बीमा नहीं तो तेल नहीं! बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश
बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस सड़क पर दौड़ रहे करोड़ों वाहन, सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

नई दिल्ली। सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने बिना वैध बीमा (थर्ड पार्टी इंश्योरेंस) के सड़कों पर चल रहे वाहनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को निर्देश दिया है कि बिना बीमा वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाए। इसके तहत भविष्य में ऐसे वाहनों को पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध न कराने की व्यवस्था भी विकसित की जा सकती है।

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि देश में पंजीकृत लगभग 30.48 करोड़ वाहनों में से करीब 16.54 करोड़ वाहनों के पास वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को वैधानिक मुआवजा मिलने में इससे बड़ी बाधा उत्पन्न होती है।

'नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल' मॉडल पर विचार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि ऐसा पायलट सिस्टम तैयार किया जाए, जिसके तहत बिना वैध बीमा वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध न कराया जाए। न्यायालय ने कहा कि इस व्यवस्था से वाहन मालिकों को समय पर बीमा नवीनीकरण के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।

ANPR कैमरे VAHAN पोर्टल से जोड़ने के निर्देश

कोर्ट ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थापित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों को VAHAN डेटाबेस से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे बिना बीमा वाले वाहनों की स्वतः पहचान कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।

मौके पर ही होगी बीमा जांच और चालान

सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रैफिक पुलिस को आधुनिक हैंडहेल्ड डिवाइस एवं मोबाइल एप्लिकेशन उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया है। इनकी सहायता से पुलिसकर्मी मौके पर ही वाहन के बीमा की स्थिति की जांच कर सकेंगे तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल ई-चालान जारी कर सकेंगे।

बीमा अवधि बढ़ाने पर भी जोर

न्यायालय ने सरकार से वाहनों के लिए अनिवार्य बीमा पॉलिसी की अवधि बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा है। इससे बीमा समाप्त होने के बाद समय पर नवीनीकरण न कराने की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

क्या कहता है कानून?

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार किसी भी वाहन का सार्वजनिक सड़क पर संचालन वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित वाहन चालक या स्वामी के विरुद्ध जुर्माना, अन्य दंडात्मक कार्रवाई तथा परिस्थितियों के अनुसार कारावास तक का प्रावधान है।

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