भारत-नेपाल बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान मिले नर कंकाल
भारत-नेपाल बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान मिले नर कंकाल 

भारत-नेपाल सीमा (जोगबनी बॉर्डर) में उस समय सनसनी फैल गई, जब यहां एक वैन से मानव कंकाल मिले। मानव कंकाल में सिर वा हाथ मिले हैं। भारत-नेपाल सीमा जोगबनी के नेपाल भंसार क्षेत्र दो नम्बर बैरियर के पास नेपाली नम्बर के मारूति वेन से नेपाल सशस्त्र बल ने जांच के दौरान कागज में लिपटा हुआ मानव का हाथ व सिर को बरामद किया है। मानव का हाथ व सर मिलने की खबर से सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मारूति सहित मानव अंग को कब्जे में लेकर छानबीन कर रही हैं। वही इस घटना से सीमा की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा होने लगा है क्योंकि जोगबनी बॉर्डर पर 24 घंटे एसएसबी 56 वीं बटालियन की पहरेदारी होती है।

सोमवार की देर शाम नेपाल नंबर की एक वैन भारतीय सीमा से बॉर्डर होकर नेपाल प्रवेश कर रही थी। विराट नगर स्थित भंसार कार्यालय के बैरियर संख्या दो पर जांच के दौरान उसे रोका गया। नेपाल सशस्त्र पुलिस के एसपी तीर्थ पोडेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बॉर्डर से नेपाल में प्रवेश के बाद वैन संख्या-1 च 9648 की जांच के क्रम में चालक फरार हो गया। जांच में मगर वैन से 28 कंकाल बरामद हुआ। पहले जानवर के कंकाल होने की बात सामने आई। मगर जब वन्य जंतु विज्ञान कार्यालय कू जांच में मानवीय अंग खोपड़ी होने की बात सामने आई। डिविजनल वन कार्यालय मौरंग के सहायक वन अधिकारी परमेश्वर पासवान ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मानव अंग लग रहा है लेकिन जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है।

यह कारवाई नेपाल पुलिस बल के सीमा चौकी रानी द्वारा तैनात किए गए सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई। इस कारवाई में नेपाल नंबर की एक मारुति वैन (को 1 चा 9648) को जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि सशस्त्र पुलिस द्वारा वाहन के जांच के दौरान, कागजों में लिपटे सामानों से दुर्गंध आ रही थी। दुर्गंध आने के बाद पुलिस को शक हुआ कि इस कागज में क्या लिपटा हुआ है। जब उस बंद कागज को खोला गया तो कुछ सामान कछुए के गोले और एक जंगली जानवर की हड्डियों की तरह लग रहा था।

नेपाल एपीएफ के डीआईजी कमल गिरी के अनुसार बरामद मानव अंग कंकाल ही है। इसमें 28 पीस खोपड़ी का उपरी भाग है। जब्त गाड़ी  नेपाल का नही है और उसका नंबर भी फर्जी है। वाहन का चेचिस नम्बर और इंजन नंबर नेपाल में रजिस्टर्ड नहीं है। ड्राइवर भागकर बॉर्डर के रास्ते इंडिया में प्रवेश कर गया।

एसएसबी 56वीं बटालियन के सेनानायक एमकेएस मुंडा ने बताया कि जोगबनी बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है। एसएसबी की 24 घंटे ड्यूटी है। ऐसे में किसी भी वाहन का बिना जांच बॉर्डर पार करना संभव नहीं लगता है। मामला  संगीन है। मैं खुद इसकी जांच करवाता हूं कि आखिर ऐसा कैसे हुआ।

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