दिल्ली-पटना वंदे भारत स्लीपर की बढ़ी चर्चा, 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने की तैयारी
नई दिल्ली। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। अक्टूबर में दुर्गा पूजा और इसके बाद नवंबर में दीपावली व छठ महापर्व को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। ट्रेनों में रिजर्वेशन की मांग बढ़ने के बीच कई प्रमुख रूटों पर टिकट उपलब्ध नहीं हैं और कई ट्रेनों में वेटिंग के साथ रिग्रेट की स्थिति बन गई है। ऐसे में रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी के बीच नई दिल्ली-पटना वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि नई दिल्ली और पटना के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का परिचालन 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हो सकता है। इसके ट्रायल की भी चर्चा है। हालांकि, इन दावों के बीच महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय रेलवे की ओर से अभी तक इस ट्रेन के नियमित परिचालन की तारीख, समय-सारिणी या किराये को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि नई दिल्ली-पटना के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की योजना पर काम चल रहा है। ट्रेन के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय के बाद ही आधिकारिक शेड्यूल और अन्य जानकारी जारी की जाएगी।
करीब 1,000 किलोमीटर का सफर आठ घंटे में
प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस नई दिल्ली और पटना के बीच करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी लगभग आठ घंटे में तय कर सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, 16 कोच वाली इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इसे मुख्य रूप से लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों में जहां चेयर कार की सुविधा है, वहीं स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों को सोने के लिए बर्थ उपलब्ध होंगी। आधुनिक इंटीरियर, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और आरामदायक लेआउट के साथ ट्रेन को लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा पर जोर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। ट्रेन में ऑटो-सेंसिंग दरवाजे, बायो-डाइजेस्टर शौचालय और टच-फ्री फिटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। स्लीपर बर्थ में बेहतर पैडिंग और लंबी यात्रा के अनुकूल डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से क्रैश-रेजिस्टेंट कोच, एंटी-कोलिजन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे और अग्नि सुरक्षा से जुड़े आधुनिक इंतजाम भी किए गए हैं। प्रस्तावित ट्रेन के सप्ताह में छह दिन संचालन की योजना की चर्चा है, हालांकि इसकी पुष्टि रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
किराया और टाइमिंग अभी तय नहीं
नई दिल्ली-पटना वंदे भारत स्लीपर का किराया अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इसका किराया प्रीमियम ट्रेनों, खासकर राजधानी एक्सप्रेस, के आसपास हो सकता है। हालांकि, अंतिम किराया रेलवे द्वारा ही तय किया जाएगा।
ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली और बिहार के बीच नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। रात में यात्रा कर सुबह गंतव्य तक पहुंचने से यात्रियों का समय बचेगा और होटल में रुकने की जरूरत भी कम हो सकती है।
फिलहाल ट्रेन के ट्रायल, रूट, समय-सारिणी, किराये और नियमित परिचालन की तारीख को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे 2 अक्टूबर से परिचालन शुरू होने के दावों को फिलहाल आधिकारिक सूचना नहीं माना जा सकता।
