Narendra Modi Birthday Wishes: उपराष्ट्रपति समेत कई नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, जानिए किसने क्या कहा?
Narendra Modi Birthday Wishes: उपराष्ट्रपति समेत कई नेताओं ने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, जानिए किसने क्या कहा? 

नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए शनिवार को कहा कि उनकी परिवर्तनकारी सोच और प्रेरक नेतृत्व ने भारत को गौरव की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मोदी शनिवार को 72 साल के हो गए। उनके जन्मदिन पर कई नेताओं एवं गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

 

धनखड़ ने कहा, ‘‘भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। उनकी परिवर्तनकारी सोच और प्रेरक नेतृत्व ने भारत को गौरव की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ईश्वर उन्हें अच्छे स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता का आशीर्वाद प्रदान करे और वह कई और वर्षों तक हमारे देश की सेवा करते रहें।’’

 

 

गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दी 

 


 

 

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए शनिवार को कहा कि वह सुरक्षित, मजबूत एवं आत्मनिर्भर ‘‘नए भारत’’ के निर्माता और सेवा एवं समर्पण का प्रतीक हैं। देश के 15वें प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर, 1950 को जन्म हुआ था।

 

 

शाह ने ट्वीट किया, ‘‘गरीब कल्याण, सुशासन, विकास, राष्ट्र सुरक्षा एवं ऐतिहासिक सुधारों के समांतर समन्वय से नरेंद्र मोदी ने मां भारती को पुन: सर्वोच्च स्थान पर आसीन करने के अपने संकल्प को धरातल पर चरितार्थ किया है।’’


उन्होंने कहा कि यह मोदी के निर्णायक नेतृत्व और उस नेतृत्व में जनता के अटूट विश्वास के कारण ही सम्भव हो पाया है।

शाह ने ट्वीट किया, ‘‘एक सुरक्षित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर नए भारत के निर्माता नरेंद्र मोदी का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक है।


 

आजादी के बाद पहली बार करोड़ों गरीबों को उनका अधिकार देकर मोदी ने उनमें आशा और विश्वास का भाव जगाया है। देश का हर वर्ग आज चट्टान की तरह मोदी के साथ खड़ा है।’’ शाह ने कहा कि मोदी भारतीय संस्कृति के संवाहक हैं, जिन्होंने देश को अपनी मूल जड़ों से जोड़कर हर क्षेत्र में आगे ले जाने का काम किया है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मोदी की दूरदर्शिता एवं उनके नेतृत्व में नया भारत एक विश्वशक्ति बनकर उभरा है। मोदी ने वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसका पूरी दुनिया सम्मान करती है।’’

शाह ने ट्वीट किया, ‘‘देश के सर्वप्रिय नेता एवं हम सभी के प्रेरणास्रोत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देता हूं और ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं। मोदी जी ने भारत प्रथम की अपनी सोच एवं गरीब कल्याण के संकल्प से असंभव कार्यों को संभव करके दिखाया है।’’

मोदी ने 26 मई, 2014 को देश के प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ग्रहण की थी। प्रधानमंत्री के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल 30 मई, 2019 को आरंभ हुआ था।

वह देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनका जन्म स्वतंत्रता के बाद हुआ है। मोदी अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवाएं देने वाले नेता हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई।'' कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, "प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनायें। उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना है।

आशा करता हूं कि वह हमारे नागरिकों के जीवन से अंधेरे को मिटाने और प्रगति, विकास और सामाजिक सद्भाव का उजाला लाने के लिए काम करेंगे।" राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने ट्वीट कर कहा , "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।मैं आपके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।" प्रधानमंत्री मोदी आज 72 साल के हो गए हैं। 

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की बधाई दी 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर लेख लिखकर बधाई दी है। अपने लेख में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारत के विकास को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के किए जाने वालों कार्यों की जमकर तारीफ की है।

आधुनिक और नए भारत के निर्माण में जुटा रहने वाला राजनेता करार दिया है। सीएम योगी ने अपने लेख में पीएम मोदी के गुजरात के बडनगर से दिल्ली की सियासत के सबसे बड़े ओहदे तक के सफर का जिक्र किया।

उन्होंने कहा है कि पीएम ने देश का प्रधान सेवक बनने तक का लंबा सफर हर कदम पर चुनौतियों और संघर्षों के साथ तय किया है। उन्होंने इसे एक नए भारत के निर्माण के अवसर के रूप में अपने पद को स्वीकार किया है। वे देश को हर दिन अपने संकल्प के जरिए आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। आइए, सीएम योगी आदित्यनाथ के लेख को यहां पढ़ते हैं...



योगी आदित्यनाथ का आलेख


आसमान पर निगाहें हैं। लक्ष्य ही संकल्प है। हम अपनी बेड़ियों को तोड़ रहे हैं। अपनी लड़ाई जीत रहे हैं। यह एक नए भारत का युग है। भविष्य हमारा होगा। यह पंक्तियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन के सार को समेटे हुए है। गुजरात के छोटे से शहर वडनगर में जन्म लेने से लेकर 135 करोड़ भारतीयों के प्रधान सेवक बनने तक का सफर हर कदम पर चुनौतियों और संघर्षों से भरा रहा है। इस लंबे सफर में न वे रुके, न थके और न ही आराम में समय गंवाया।

उन्होंने इसे एक नए भारत के निर्माण के अवसर के रूप में स्वीकार किया। पिछले 20 वर्षों में दुनिया उनकी कार्यशैली, दूरदृष्टि और मिशन की गवाह रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने पूरे देश के सामने विकास और सुशासन का एक अनूठा मॉडल पेश किया। सांप्रदायिकता और तुष्टीकरण की दोषपूर्ण नीतियों का सामना करने के बाद, लोगों ने एक समावेशी नेतृत्व के लिए प्रयास किया, जो सभी की परवाह करता हो

शोषित और उपेक्षित लोग एक ऐसा नेतृत्व चाहते थे जो गंदी, विभाजनकारी रणनीति से ऊपर उठे। 'एक भारत-आदर्श भारत' के लिए काम करे। ' यह 2014 में हकीकत बन गया, जब देश और यहां के लोगों ने मोदी जी को भारी समर्थन दिया।

पिछले आठ वर्षों में दुनिया देख रही है, एक नया भारत उभरा है। लोगों की आकांक्षाओं के सच्चे प्रतीक और भारतीयता के प्रतीक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी पर जो भरोसा जताया गया है, उसे और मजबूत किया गया है।

नकारात्मक ताकतों ने बुरे मंसूबों और निजी हमलों से उसकी यात्रा में रुकावटें पैदा कीं, लेकिन उनका संकल्प अडिग था। हर आलोचना, बाधा और साजिश ने उन्हें और मजबूत किया। 2014 के बाद से देश में राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन इस बात का प्रमाण हैं। मोदी जी ने जीवन से सबक सीखा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कक्षाओं में प्रशिक्षित और आदरणीय अटल जी के दृष्टिकोण से प्रेरित हुए। तीव्र चुनौतियों के क्षणों में भी, मोदी जी दृढ़ता से 'न दैन्यम, न पलयनम' की नीति पर विश्वास नहीं छोड़ा।

वे हमशा कभी भी असहाय नहीं होना चाहिए और कभी भागना नहीं चाहिए, की नीति पर काम करते रहे। उनकी यही नीति हर भारतीयों के मनोबल को मजबूत करती है, बढ़ाती है।



पिछले दो दशकों में मोदी जी के विजन ने भारत को एक महान शक्ति के रूप में स्थापित किया है। उनके पिछले आठ साल के कार्यकाल में यह संदेश और मजबूत हुआ है। आजादी का अमृत महोत्सव के इस साल में भारत, ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप, यूनेस्को ने कुंभ को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता और आध्यात्मिक महिमा को दुनिया देखती है। भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में उभर रहा है। यह प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि भारत से योग पूरे विश्व के लिए स्वास्थ्य और आरोग्य का माध्यम बन गया है।



आधुनिक दुनिया में आर्थिक विकास में आम तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र शामिल हैं। लेकिन मोदी जी ने 'पर्सनल सेक्टर' पर भी फोकस किया है। इसका अर्थ है आवास, बिजली, नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और सभी के लिए स्वच्छता। आज प्रत्येक भारतीय इन प्रतिबद्धताओं में एक हितधारक है। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' का सिद्धांत वास्तव में भारत के विकास का सार बन गया है।

करोड़ों भारतीयों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर प्रधानमंत्री जन धन योजना वित्तीय समावेशन की मिसाल बन गई है। पीएम उज्ज्वला योजना ने पूरे भारत में महिलाओं को कार्बन मुक्त वातावरण प्रदान किया है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, सागरमाला प्रोजेक्ट आदि जैसी योजनाएं न्यू इंडिया के निर्माण में मील के पत्थर साबित हो रही हैं।



भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री ने जैम ट्रिनिटी (जनधन, आधार और मोबाइल का ट्रिपल समन्वय) के माध्यम से हर नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया है। उनके लिए जैम का अर्थ है लोगों को अधिकतम लाभ प्रदान करना, खर्च किए जा रहे प्रत्येक रुपये का अधिकतम लाभ उठाना, आर्थिक रूप से कमजोरों का अधिकतम सशक्तिकरण, जनता के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग।

यह देश में सामाजिक-आर्थिक क्रांति की शुरुआत थी। बुजुर्ग हों, बेसहारा महिलाएं हों या दिव्यांग, व्यवस्था ने सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की है। उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े पांच साल में पीएम आवास योजना ने 45 लाख लोगों के घर बनाने के सपने को साकार किया है।

किसान सम्मान निधि 2 करोड़ 57 लाख किसानों तक पहुंच रही है। पीएम स्वामित्व योजना के तहत 35 लाख ग्रामीण लोगों ने अपने घरों का कानूनी अधिकार हासिल किया है। यूपी को नई ऊंचाइयों और नई छवि तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में डबल इंजन वाली सरकार की कई उपलब्धियां हैं।



पीएम नरेंद्र मोदी ने जनहित में कई फैसले लिए, लेकिन अगर प्रधानमंत्री को लगा कि कोई भी फैसला लोगों को साफ तौर पर समझ में नहीं आ रहा है तो उन्होंने इसे वापस लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह सर्वोत्तम लोकतांत्रिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए हैं।

जनहित की नीतियों को लागू करने का उनका संकल्प विपरीत परिस्थितियों में अटूट था। 2020-21 के दौरान जब देश ने कोरोना वायरस महामारी का सामना किया, उन्होंने प्रत्येक भारतीय को उसके स्वास्थ्य और आजीविका के लिए एक सुरक्षा का माहौल बनाया।

दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। वैक्सीन को दुनिया के कई देशों में भेजा गया, जिससे 'वैक्सीन फ्रेंडशिप' का एक अनूठा मॉडल स्थापित हुआ। कश्मीर को विशेष दर्जा देने को लेकर भारत के संविधान के 21वें अध्याय में अनुच्छेद 370 और 35(ए) का प्रावधान था। यह 'एक भारत, आदर्श भारत' की प्राप्ति में बाधाएं थीं। पीएम ने अपने दृढ़ संकल्प के साथ 5 अगस्त 2019 को न्यू इंडिया को आकार देते हुए इन्हें रद्द कर दिया।



भारत की विदेश नीति के मूल में भारत का हित है, लेकिन इसमें वैश्विक कल्याण भी शामिल है। आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। हमारे पड़ोसियों को दी गई हमारी विदेश नीति में पूर्वता ने दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति को मजबूत किया है।

भारत के पुनर्निर्माण और उभार का यह स्वर्णिम समय है। राष्ट्रवाद, विकास और विश्व शक्ति बनने के संकल्प को मिलाकर यात्रा की पटकथा पीएम मोदी ने लिखी है। यही कारण है कि विश्व में भारत का कद बढ़ा है। दुनिया भारत की ओर देख रही है।

यह भारत के नवनिर्माण की अमृत बेला है। इस अमृत काल में राष्ट्रवाद और विकास की स्वर्णिम संकल्पना से राष्ट्र जिस गौरव की अनुभूति करते हुए वैश्विक शक्ति के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त कर रहा है, पीएम मोदी उसके कुशल शिल्पकार हैं।


 

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