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सुप्रीम कोर्ट में 32 सेवानिवृत्त महिला वायुसेना अधिकारियों की ऐतिहासिक जीत

सुप्रीम कोर्ट में 32 सेवानिवृत्त महिला वायुसेना अधिकारियों की ऐतिहासिक जीत

आदेश में कहा गया है, "देश सेवा की अनिवार्यताओं से संबंधित आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बहाली एक व्यवहार्य विकल्प नहीं हो सकता है।"

 

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और भारतीय वायुसेना (IAF) को निर्देश दिया है कि वे शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) की 32 सेवानिवृत्त महिला अधिकारियों को पूर्ण पेंशन का लाभ दें।

 

 

अदालत ने कहा है कि इन महिलाओं को पेंशन लाभ देने के उद्देश्य से उनकी उपयुक्तता के आधार पर स्थायी कमीशन (PC) देने पर विचार किया जाए। यह फुल पेंशन 20 साल तक सेवा देने वाले अधिकारियों के बराबर होगी।

मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ (D.Y. Chandrachud) , न्यायमूर्ति हिमा कोहली (Hima Kohli) और न्यायमूर्ति जे.बी.पारदीवाला (J.B.Pardiwala) की पीठ ने हालांकि, इस आधार पर उनकी सेवा बहाली का आदेश देने से इनकार कर दिया कि उन्हें 2006 और 2009 के बीच सेवा से मुक्त कर दिया गया था।

आदेश में कहा गया है, "देश सेवा की अनिवार्यताओं से संबंधित आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बहाली एक व्यवहार्य विकल्प नहीं हो सकता है।"

भारतीय वायु सेना की इन 32 महिला अधिकारियों के लिए कानूनी लड़ाई 12 साल तक चली। तीन महिला अधिकारी विधवा हैं जिनके पति राष्ट्र की सेवा में शहीद हो गए थे और उन्हें अनुकंपा के आधार पर भारतीय वायुसेना में एक कमीशन दिया गया था।

पीठ ने कहा कि स्थायी कमीशन की मंजूरी के लिए भारतीय वायुसेना द्वारा योग्य पाई गईं महिला IAF अधिकारी उस तारीख से एकमुश्त पेंशन लाभ पाने की हकदार होंगी जब वे सेवा में 20 साल पूरे कर चुकी होतीं, यदि उनकी सेवा जारी रहती।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने "निष्पक्ष दृष्टिकोण" के लिए भारतीय वायुसेना की सराहना की और केंद्र और वायुसेना की ओर से पेश हो रहे वरिष्ठ वकील आर. बालासुब्रमण्यम (R. Balasubramaniam) से कहा कि वह IAF प्रमुख तथा सरकार तक उनकी सराहना पहुंचायें।

पीठ ने अपने समक्ष लंबित किसी भी मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्ति का प्रयोग करते हुए कहा, "हमारा मानना ​​है कि इन महिला SSC अधिकारियों को पेंशन लाभ देने पर विचार किया जाना चाहिए।"

पीठ ने कहा कि भारतीय वायुसेना इन सेवानिवृत्त अधिकारियों की उपयुक्तता की जांच करेगी और HR (मानव संसाधन) नीति के अनुसार स्थायी कमीशन की मंजूरी के लिए पात्र पाये जाने पर पेंशन लाभ देने पर विचार करेगी।

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