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कौन होगा पाकिस्‍तान का नया सेना प्रमुख? सरकार को मिली सीनियर जनरल के नामों की लिस्‍ट

कौन होगा पाकिस्‍तान का नया सेना प्रमुख? सरकार को मिली सीनियर जनरल के नामों की लिस्‍ट

Prime Ministers Office PMO ने ट्विटर पर विस्‍तृत बयान जारी किया। इसमें बताया कि रक्षा मंत्रालय से new Chief of Army Staff COAS और CJCSC (Chairman Joint Chief of Staff Committee) की नियुक्‍त‍ि के लिए समरी प्राप्‍त हुई है।

 

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के नए सेना प्रमुख की नियुक्‍त‍ि पर मंडरा रहे अनिश्चि‍तता के बादल बुधवार को छंटना शुरू हो गया है।  दरअसल सरकार की ओर से ऐलान किया गया है क‍ि रिटायर हो रहे  जनरल कमर जावेद बाजवा (General Qamar Javed Bajwa) के बाद इस पद के लिए उम्‍मीदवारों की एक लिस्‍ट प्राप्‍त हुई है।

 

 

इसमें सीनियर जनरल के कई नाम हैं। 61 वर्षीय बाजवा 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। उनके कार्यकाल में 3 साल का विस्‍तार दिया गया था।

 

 

प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister's Office, PMO) ने ट्विटर पर विस्‍तृत बयान जारी किया। इसमें बताया कि रक्षा मंत्रालय से नए चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ (new Chief of Army Staff, COAS) और CJCSC (Chairman Joint Chief of Staff Committee) की नियुक्‍त‍ि के लिए समरी प्राप्‍त हुई है।

 

 

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल में ही लंदन का दौरा किया। वहां उन्‍होंने इसी मामले पर अपने भाई और पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से सलाह मशविरा किया। विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने शनिवार को राष्‍ट्रपति अल्‍वी को सुझाव दिया था कि आर्मी चीफ की नियुक्‍ति में किसी तरह की अव्‍यवस्‍था नहीं होनी चाहिए।

 

 

बयान के अनुसार,' इस पद की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री फैसला लेंगे।' सेना ने पुष्‍ट‍ि किया है कि इसने नियुक्ति के लिए 6 टॉप लेफ्टिनेंट जनरलों के नाम भेजे हैं। हालांकि बयान में इन नामों का जिक्र नहीं किया किया गया। लेकिन बताया जा रहा है क‍ि 6 नामों में

 

Lt जनरल आसिम मुनिर (currently Quarter Master General),

 

Lt जनरल साहिर शमशाद मिर्जा (Commander 10 Corps),

 

Lt जनरल अजहर अब्‍बास (Chief of General Staff),

 

Ltजनरल महमूद (National Defence University Presi­dent),

Lt जनरल फैज हामिद (Commander Baha­walpur Corps),

और Lt जनरल मोहम्‍मद आमिर (Com­mander Gujranwala Corps)शामिल हैं।

29 नवंबर से पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को COAS और CJCSC के लिए इनमें से दो का चुनाव प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे।

प्रधानमंत्री शरीफ की ओर से राष्‍ट्रपति आरिफ अल्‍वी को समरी भेजा जाएगा, वही नियुक्तियों का नोटिफि‍केशन देंगे।

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तोशखाना मामले में बढ़ी पूर्व पीएम इमरान खान की मुश्किलें, आपराधिक कार्यवाही हुई शुरू

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ तोशखाना मामले में एक आदलत द्वारा कार्यवाही शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता ने कहा कि खान ने विशेष रूप से वर्ष 2018 और 2019 में तोशखना उपहारों से संबंधित अपनी संपत्ति को जानबूझकर छुपाया था।

 

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ तोशखाना मामले में एक आदलत ने कार्यवाही शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, तोशखाना उपहारों के बारे में जानकारी छिपाने के लिए इमरान खान के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए इमरान खान ने कई उपहारों को तोशाखाना से खरीदा था।

बता दें कि तोशखाना एक कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक विभाग है, जो अन्य सरकारों और राज्यों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा शासकों, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को दिए गए उपहारों को संग्रहीत करता है।

शिकायतकर्ता: इमरान खान ने जानबूझकर छुपाया

बता दें कि इमरान खान के खिलाफ कार्यवाही, पाकिस्तान के चुनाव आयोग की शिकायत पर शुरू की गई थी, जब इमरान खान के चुनाव पत्रों में झूठे बयानों और गलत घोषणा का दोषी पाया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि खान ने विशेष रूप से वर्ष 2018 और 2019 में तोशखना उपहारों से संबंधित अपनी संपत्ति को जानबूझकर छुपाया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जफर इकबाल ने जिला चुनाव आयुक्त वकास मलिक का बयान दर्ज करने के बाद इमरान खान के खिलाफ मामले की सुनवाई 8 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी। मंगलवार को इमरान खान अदालत में पेश नहीं हुए थे।

अदालत में पेश नहीं हुए इमरान खान 

70 वर्षीय पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष को पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में पेश होने के लिए बुलाया गया था। गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर आजादी मार्च के दौरान जानलेवा हमला हुआ था। हमले में इमरान खान जख्मी हुए थे। उनके पैर में गोली लगी थी।

बाद में उन्हें पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा आयोग को प्रदान किए गए अपने वार्षिक धन विवरण में बिक्री की आय का खुलासा नहीं करने के लिए नेशनल असेंबली से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इमरान खान के हलफनामे में जिला चुनाव आयुक्त ने कहा कि वह 21 नवंबर के ईसीपी के फैसले का पालन करने के लिए अधिकृत थे।

अदालत ने 8 दिसंबर तक स्थगित की कार्यवाही 

जिला चुनाव आयुक्त ने आगे कहा, 'मुझे चुनाव अधिनियम 2017 की धारा 190 को 16 और 173 के साथ जोड़कर आगे बढ़ने का अधिकार दिया गया है।' उन्होंने आगे कहा , 'यह कार्यवाही इमरान खान की भ्रष्ट प्रथाओं से संबंधित है।'

हलफनामे में उस अधिकार का भी ध्यान रखा गया है जो एक संदर्भ के आधार पर राष्ट्रीय सभा के सदस्य की अयोग्यता की मांग करने के लिए इसीपी के पास है।

बाद में, जज ने खान के वकील को अपना बैंक स्टेटमेंट जमा करने से यह कहते हुए रोक दिया कि इमरान, फोटोकॉपी जमा नहीं कर सकते। अदालत ने मामले को स्थगित करते हुए जिला चुनाव आयुक्त मलिक का हलफनामा दर्ज किया और कार्यवाही आठ दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

ईसीपी रिकॉर्ड के अनुसार, तोशखाना से उपहार खरीदे गए थे। इस राज्य डिपॉजिटरी को साल 1974 में स्थापित किया गया था। हालांकि, सरकार में रहते हुए खान, उपहारों के ब्योरे का खुलासा करने से हिचक रहे थे।

उनका कहना था कि ऐसा करने से अंतरराष्ट्रीय संबंध खतरे में पड़ जाएंगे। बता दें कि पाकिस्तान सूचना आयोग (पीआईसी) ने भी उनसे उपहारों के ब्योरे देने का आदेश दिया था।

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