श्रीलंका अपनी मानवाधिकार जवाबदेही पर यूएनएचआरसी में नये प्रस्ताव का करेगा विरोध
श्रीलंका अपनी मानवाधिकार जवाबदेही पर यूएनएचआरसी में नये प्रस्ताव का करेगा विरोध

Sri Lanka to oppose new resolution in UNHRC on its human rights accountability

कोलंबो। श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के शुरू होने वाले सत्र में श्रीलंका अपनी मानवाधिकार जवाबदेही पर एक नये प्रस्ताव, विशेष रूप से एक बाहरी जांच तंत्र का विरोध करेगा।


 


साबरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि श्रीलंका मानवाधिकारों के हनन की जांच के लिए एक बाहरी तंत्र के लिए सहमत नहीं है, क्योंकि यह देश के संविधान का उल्लंघन होगा।



साबरी ने जिनेवा में 12 सितंबर से 7 अक्टूबर तक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 51वें सत्र के आयोजन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून मंत्री विजयदासा राजपक्षे सत्रों में सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम मानवाधिकार आयोग की जांच तंत्र का विरोध करेंगे, क्योंकि यह हमारे संविधान के खिलाफ है।’’



संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त द्वारा बुधवार को श्रीलंका पर अपनी रिपोर्ट जारी करने की उम्मीद है, जिसमें 2021 के एचआरसी संकल्प संख्या 46/1 के तहत जवाबदेही के विकल्प शामिल हैं।



श्रीलंका पर एक संभावित मसौदा प्रस्ताव 23 सितंबर को पेश किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद 6 अक्टूबर को नये मसौदा प्रस्ताव पर सदस्य देशों के बीच मतदान होगा।
 


संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकाय ने 2013 से युद्ध अपराधों के लिए मानवाधिकारों की जवाबदेही का आह्वान करते हुए कई प्रस्ताव पारित किये हैं, जिसका आरोप सरकारी सैनिकों और लिट्टे समूह पर है।

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