‘CID’ और ‘आहट’ के निर्माता बीपी सिंह का निधन, हार्ट अटैक से गई जान, टीवी जगत में शोक
B.P. Singh passes away: भारतीय टेलीविजन के चर्चित निर्माता-निर्देशक बीपी सिंह का निधन हो गया है। ‘CID’ और ‘आहट’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों के जरिए घर-घर में पहचान बनाने वाले बीपी सिंह ने सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन की जानकारी फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर साझा की। इस खबर के सामने आने के बाद टेलीविजन और फिल्म जगत में शोक की लहर है।
बीपी सिंह को खास तौर पर क्राइम और हॉरर जॉनर में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है। उन्होंने ऐसे धारावाहिक बनाए, जिन्होंने लंबे समय तक दर्शकों को टीवी से जोड़े रखा। ‘CID’ ने अपराध की जांच पर आधारित कार्यक्रमों को नई पहचान दी, वहीं ‘आहट’ ने छोटे पर्दे पर डर और रहस्य की कहानियों को लोकप्रिय बनाया।
अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर दी निधन की जानकारी
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बीपी सिंह के निधन पर दुख जताया। उन्होंने उन्हें बेहतरीन निर्माता और निर्देशक बताते हुए कहा कि ‘CID’ और ‘आहट’ जैसे शोज के माध्यम से उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। अशोक पंडित इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए बीपी सिंह के साथ करीबी तौर पर जुड़े रहे थे।
अशोक पंडित ने दिवंगत निर्माता के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि बीपी सिंह का काम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनके लंबे करियर और टेलीविजन के प्रति योगदान को याद करते हुए कई लोग उन्हें भारतीय टीवी मनोरंजन का महत्वपूर्ण चेहरा मानते हैं।
देहरादून में हुआ था जन्म, ‘CID’ से मिली देशभर में पहचान
बीपी सिंह का पूरा नाम बृजेंद्र पाल सिंह था। उनका जन्म देहरादून में हुआ था। उन्होंने भारतीय टेलीविजन पर क्राइम शो को एक अलग अंदाज में प्रस्तुत किया। साल 1998 में शुरू हुआ ‘CID’ उनकी सबसे चर्चित प्रस्तुतियों में शामिल रहा। इस धारावाहिक में अपराध की गुत्थियां सुलझाने वाली टीम की कहानियों ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। शो लंबे समय तक प्रसारित हुआ और भारतीय टीवी के सबसे लंबे समय तक चलने वाले क्राइम धारावाहिकों में गिना गया।
बीपी सिंह केवल शो के निर्माता और निर्देशक ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने ‘CID’ में डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। पर्दे पर उनकी मौजूदगी को भी दर्शकों ने पसंद किया। साल 2010 में शो से जुड़े ‘CID गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की शुरुआत भी की गई थी।
‘आहट’ ने हॉरर शो को दी नई पहचान
क्राइम शो के साथ-साथ बीपी सिंह ने हॉरर जॉनर में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। साल 1995 में शुरू हुआ ‘आहट’ अपने डरावने माहौल, रहस्यमयी घटनाओं और अलग-अलग कहानियों के कारण लोकप्रिय हुआ। यह धारावाहिक 2015 तक प्रसारित हुआ। उस दौर में जब टेलीविजन पर हॉरर कार्यक्रमों की संख्या सीमित थी, ‘आहट’ ने इस शैली को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
बीपी सिंह ने ‘खाकी’, ‘अभय’, ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन्स’ और अन्य धारावाहिकों के निर्माण व निर्देशन से भी अपनी पहचान बनाई। उनके काम में अपराध, रहस्य और रोमांच जैसे विषय प्रमुख रहे।
111 मिनट का सिंगल-शॉट एपिसोड बना रिकॉर्ड
बीपी सिंह के करियर की सबसे खास उपलब्धियों में ‘CID’ का एक विशेष एपिसोड भी शामिल है। अक्टूबर 2004 में इस एपिसोड को बिना किसी कट के लगातार 111 मिनट तक एक ही शॉट में शूट किया गया था। यह टेलीविजन निर्माण के लिहाज से एक असाधारण प्रयोग था। इस उपलब्धि का उल्लेख गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में किया गया।
इस प्रयोग ने बीपी सिंह की तकनीकी समझ और निर्देशन क्षमता को सामने रखा। लंबे समय तक दर्शकों को बांधे रखने वाले शो के पीछे उनकी योजना और काम करने का तरीका अहम रहा।
टीवी जगत में छोड़ी अमिट छाप
बीपी सिंह के निधन से भारतीय टेलीविजन ने एक ऐसे निर्माता-निर्देशक को खो दिया, जिनके काम ने क्राइम और हॉरर धारावाहिकों की पहचान को मजबूत किया। ‘CID’ की जांच-पड़ताल और ‘आहट’ की डरावनी कहानियां दर्शकों की यादों का हिस्सा बनी रहेंगी।
उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि मजबूत कहानी, अलग प्रस्तुति और तकनीकी प्रयोग किसी टीवी शो को लंबे समय तक लोकप्रिय बनाए रख सकते हैं।
