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Tabassum Govil death: नहीं रहीं मशहूर अदाकारा तबस्सुम, 78 साल की उम्र में दुनिया से कहा अलविदा
Tabassum Govil

हिंदी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस तबस्सुम का निधन हो गया है। तबस्सुम 78 साल की उम्र थीं। उन्होंने शुक्रवार शाम को तबस्सुम को कार्डियक अरेस्ट हुआ था, जिसकी वजह से उन्होंने दम तोड़ दिया। मां तबस्सुम के निधन के बारे में उनके बेटे होशांग ने बताया कि मां कल रात 8:40 पर कार्डियक अरेस्ट की वजह से गुजर गईं। उन्होंने पहले ही परिवार को हिदायत दे रखी थी कि उनके जाने की खबर मैं दो दिन बाद दूं। राज कुमार की तरह ही उन्हें रुखसती लेनी थी। अंतिम संस्कार होने के बाद ही मैंने ये खबर मीडिया को बताई है। 

दो कार्डियक अरेस्ट आने से हुआ निधन

तबस्सुम, ने एक बाल कलाकार के रूप में अपने काम की शुरुआत की थी और लोकप्रिय दूरदर्शन टॉक शो “फूल खिले हैं गुलशन गुलशन” के अलावा उन्होंने कई शोज में काम किया है। उनके बेटे होशंग गोविल ने शनिवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि, कुछ दिन पहले, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें गैस्ट्रो की समस्या थी और हम वहां जांच के लिए गए थे। उन्हें रात 8.40 बजे और रात 8.42 बजे दो कार्डियक अटैक आए। शुक्रवार की रात उनका निधन हो गया। 

कैसे हुई सिनेमा में शुरुआत?


तबस्सुम गोविल सिनेमा जगत में कभी किसी पहचान की मोहताज नहीं रहीं। उनका जन्म 9 जुलाई 1944 को अयोध्या से हुआ था। उनके पिता अयोध्यानाथ सचदेव और असगरी बेगम स्वतंत्रता सेनानी थे। हालांकि, अभिनेत्री की पढ़ाई-लिखाई मुंबई में हुई। दावा किया जाता है कि तबस्सुम ने बहुत छोटी उम्र में ही फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। वह जब पहली बार स्क्रीन पर आई थीं तब वह महज तीन साल की थीं। साल 1947 में रिलीज हुई फिल्म 'मेरा सुहाग' में उन्होंने बाल कलाकार की भूमिका निभाई थी। तबस्सुम ने फिल्म 'दीदार' में नरगिस के बचपन का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों को जीत लिया था। इसके बाद वह कई फिल्मों में नजर आईं। 

फिल्मी करियर की शुरुआत

अगर तबस्सुम के फिल्मी करियर की बात करें, तो उन्होंने साल 1947  में फिल्म नरगिस से अपने करियर का पदार्पण किया था। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपनी अप्रतिम पहचान विकसित की थी। जिसका हर कोई मुरीद था। इस बाद उन्हें मेरा सुहाग, मंझधार, बड़ी बहन और दीदार में देखा गया। लता मंगेशकर के गाए गाने ‘बचपन के दिन भुला ना देना’ बेबी तबस्सुम पर ही फिल्माया गया था। इसके अलावा उन्होंने उन्होंने भारतीय टेलीविजन के पहले टॉक शो ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन’ को होस्ट किया। ये शो 21 सालों तक (1972 से 1993 तक) चला था।

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