फ़िल्म बंधु का घोटाला उजागर करने के लिए गुंडा फेम अभिनेता विनोद यादव ने की मुख्यमंत्री से शिकायत
Gunda fame actor Vinod Yadav complained to the Chief Minister for exposing the scam of the film Bandhu

भोजपुरी इंडस्ट्री के राइजिंग स्टार विनोद कुमार यादव के साथ  2018 में निर्माता सिकंदर खान द्वारा की गई धोखाधड़ी का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में अब नया मोड़ आ गए है। मामला कुछ ऐसा है कि उत्तर प्रदेश में बनाई गई फिल्मों को फिल्म बन्धु उत्तर प्रदेश से सब्सिडी मिलती है। जो विनोद यादव की जानकारी के बिना ही अभिनेता के साथ धोखाधड़ी करने वाले सिकंदर खान को फिल्म बंधु उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कर दी है।

 

 

 

जिसको लेकर अभिनेता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फिल्म बंधु की शिकायत की है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि  सिकन्दर खान ने वर्ष 2018 में मुझको फिल्म बनाने व उसमें एक्टिंग करने का सुझाव दिया और कहा कि पचास लाख रूपये की व्यवस्था कर लो तो तुम्हें मैं एक्टर बनाकर फिल्म बनाऊंगा जो मुनाफा होगा वह आधा-आधा बटेगा।

 

मेरे हां करने पर एक गैर रजिस्ट्री शुदा व गैर नोटरीकृत पत्र सिकन्दर खान ने मुझे को 2018 में दिया और पचास लाख रूपये प्राप्त किये, फिल्म बनाई। फिल्म का रिलीज पूरे भारत वर्ष व विश्व के अन्य स्थानों में की है।

जब मैंने सुकरूल्ला शेख से फिल्म का हिसा व अपना रूपया मांगा तो सुकरूल्ला शेख ने बगैर किसी हिसाब-किताब को दिखाये व बगैर कोई रूपया दिये, फिल्म में घाटा होने की बात कहकर मुझसे से बातचीत करना बंद कर दिया,

सिकन्दर खान ने आज तक मुझे को कोई हिसाब-किताब नहीं दिया और न ही कोई रूपया वापस किया। मैंने परेशान होकर थाना बारादरी, जिला बरेली में सिकन्दर खान के विरूद्ध एक ठगी की रिपोर्ट अपराध सं0 155/2020 अन्तर्गत धारा 420, 467,468 आदि धाराओं में दर्ज करायी, जिसमें सिकन्दर खान ने विवेचक को विश्वास दिलाया कि फिल्म बन्धु उत्तर प्रदेश से सब्सिडी की धनराशि अठाईस लाख तेईस हजार तीन सौ इत्तालिस रूपये प्राप्त होगी,

वह मैं विनोद कुमार यादव को दूंगा, इस पर विवेचक ने यह बात केस डायरी में पर्चा 10 में दर्ज कर फाईनल रिपोर्ट लगा दी। सिकन्दर खान ने फिर भी मुझको न तो हिसाब दिया और फिल्म बंद से प्राप्त धनराशि दी। बल्कि फिल्म बन्धु से प्राप्त अनुदान धनराशि हड़प ली।


 

यह कि मैंने माननीय एसीजेएम प्रथम बरेली के न्यायालय में प्रस्तुत फाईनल रिपोर्ट का विरोध किया तो माननीय न्यायालय में फाईनल रिपोर्ट अस्वीकार कर पुनः विवेचना के आदेश दिये। मैंने फिल्म उद्योग बन्धु सचिव को एक प्रार्थना पत्र दिया कि सिकन्दर खान को धनराशि का भुगतान नहीं किया जाये परन्तु उद्योग बन्धु के कर्मचारियों व अधिकारियों ने सिकन्दर खान को अनुदान धनराशि 28,23,000/-रू0 का नियम विरूद्ध भुगतान कर दिया।

विवेचना अधिकारी द्वारा फिल्म उद्योग बन्धु कार्यालय से भुगतान के सम्बन्ध में जानकारी मांगी गयी तो उन्होंने आज तक जानकारी नहीं दी।
इस विषय मे अब मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपनी लिखत शिकायत दर्ज कराई है। अब देखते हैं इस मामले में मुख्यमंत्री के यहां से फिल्म बंधु और सिकंदर खान के यूजर क्या एक्शन लिया जाता हैं।

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