सीआईआई लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित हुए सुनील भारती मित्तल, भारत में निवेश बढ़ाने का किया आह्वान
सम्मान प्राप्त करते हुए मित्तल ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी सहयोगियों, संस्थाओं और मूल्यों का सम्मान है जिन्होंने भारत के उद्योग जगत को मजबूत बनाने में योगदान दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में उनके लंबे सफर के कई चुनौतीपूर्ण पड़ावों के साक्षी मंत्री स्वयं रहे हैं।
उन्होंने सीआईआई को उद्योग, सरकार और समाज के बीच सेतु बताकर कहा कि यह संस्था नीति निर्माण और देश की आर्थिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। मित्तल ने बताया कि उनके परिवार के तीनों भाइयों को विभिन्न उद्योग संगठनों के माध्यम से देश की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने युवा उद्यमियों से भी सीआईआई जैसी संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
अपने संबोधन में मित्तल ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में दुनिया कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया की परिस्थितियों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत भी इससे पूरी तरह अछूता नहीं रह सकता। इसके बावजूद भारत लगातार 6 से 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ मजबूत आर्थिक गति बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में उद्योग जगत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उद्योग केवल रोजगार ही नहीं देता, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी पहुंचाता है। मित्तल ने देश को सोने के आयात पर अत्यधिक निर्भरता से बाहर निकलने, ऊर्जा लागत कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को तेजी से बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह पीछे हटने का नहीं, बल्कि भारत में और अधिक निवेश करने का समय है। मित्तल ने बताया कि उनकी कंपनी Bharti Airtel ने वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 31 हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश किया है, जबकि टॉवर व्यवसाय से जुड़ी सहायक कंपनी को जोड़ने पर यह आंकड़ा करीब 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। आने वाले समय में निवेश और बढ़ाने की योजना भी उन्होंने साझा की।
उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे युवा और आकांक्षी उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए कहा कि देश में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मित्तल ने ‘मेक इन इंडिया’ विज़न को और तेज़ गति देने तथा भारत में निर्माण, भारत के लिए निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
