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Sonam Wangchuk News: 26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन, सरकार के आश्वासन के बाद लिया बड़ा फैसला

लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अपना अनशन समाप्त किया। जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद लिया फैसला। पीएम मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

 

Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends: लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है।

 

लंबे समय से जारी इस आंदोलन का अंत उस समय हुआ जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे और उनसे मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की।

बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिए गए, जिसके बाद सोनम वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त करने का निर्णय लिया।

 

 

इस फैसले को लेकर देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक पर दिया सख्त संदेश

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और सरकार ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कानूनी और तकनीकी स्तर पर बड़े सुधार किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।

26 दिन तक जारी रहा आंदोलन

सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से लगातार अनशन पर थे। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों और सामाजिक संगठनों ने उनसे उपवास समाप्त करने की अपील की थी। मंत्रियों के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने अपना आंदोलन फिलहाल समाप्त करने का फैसला लिया।

हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि सरकार अपने वादों पर अमल नहीं करती है तो भविष्य में फिर से लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जा सकती है।

सरकार की प्रतिक्रिया पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार पहले ही बातचीत शुरू कर देती, तो आंदोलन इतना लंबा नहीं चलता और हालात सामान्य पहले ही हो सकते थे।

वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

इस बीच आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होना खुशी की बात है, लेकिन उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर हैं कि केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए कितनी तेजी से ठोस कदम उठाती है।

सोनम वांगचुक का अनशन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन इससे जुड़े सवाल और युवाओं की उम्मीदें अभी भी कायम हैं।

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