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शहजाद पूनावाला का बीजेपी से इस्तीफा! बोले- ‘पार्टी कार्यकर्ताओं को सैलरी नहीं देती, पहली तारीख को किराया देना होता है..

शहजाद पूनावाला का बीजेपी से इस्तीफा! बोले- ‘पार्टी कार्यकर्ताओं को सैलरी नहीं देती, पहली तारीख को किराया देना होता है..

नई दिल्ली। बीजेपी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला ने पहली बार अपने फैसले की वजहों पर खुलकर बात की है।

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राजनीति के साथ-साथ जिंदगी की निजी जिम्मेदारियां भी होती हैं और अब उनके लिए 24 घंटे पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करना संभव नहीं था।

शहजाद पूनावाला ने बताया कि आर्थिक जिम्मेदारियों और परिवार की जरूरतों के चलते उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि मकान मालिक को हर महीने की पहली तारीख को किराया चाहिए।

वह यह नहीं देखता कि किरायेदार किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा है या नहीं।

‘राजनीतिक पार्टियां कार्यकर्ताओं को सैलरी नहीं देतीं’

पूर्व बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी में कार्यकर्ता के तौर पर काम करना नौकरी नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी से उन्हें अपने घर का खर्च उठाने की उम्मीद नहीं है, लेकिन लगातार 24 घंटे संगठन के लिए समर्पित रहना अब उनके लिए व्यावहारिक नहीं है।

उनके मुताबिक, पार्टी में शामिल होने वाला व्यक्ति विचारधारा, संगठन या किसी नेता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण काम करता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के प्रति उनका जुड़ाव अभी भी कायम है।

मां की देखभाल को लेकर भी जताई चिंता

शहजाद पूनावाला ने निजी जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने के कारण उन्हें अपनी मां की देखभाल के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था। उनका कहना है कि जिंदगी की वास्तविक जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।

उन्होंने संकेत दिया कि सोशल मीडिया के जरिए वह आगे भी अपनी राजनीतिक विचारधारा और विचारों को सामने रखते रहेंगे, भले ही अब वह बीजेपी के आधिकारिक पद पर नहीं हैं।

कांग्रेस में वापसी पर शहजाद पूनावाला ने रखी शर्त

इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह दोबारा कांग्रेस में जा सकते हैं, तो उन्होंने पहले सवाल को खारिज करते हुए प्रतिक्रिया दी।

हालांकि, इसके बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लौटने की एक शर्त हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी से हटाया जाए और नेहरू की कथित गलतियों के लिए माफी मांगी जाए,

तभी वह कांग्रेस में जाने पर विचार करेंगे।

शहजाद पूनावाला का बीजेपी से औपचारिक इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब वह लंबे समय से टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।

इस्तीफे के बाद उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

 

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