लखीमपुर खीरी हिंसा: राहुल संग प्रियंका पहुंची राष्ट्रपति भवन, रखी अपनी मांगे
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लखीमपुर हिंसा मामला: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद  से मुलाकात की। इसके बाद संवाददाताओं से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीड़ित चाहते हैं कि उन्हें इंसाफ मिले। उन्होंने कहा कि जिसने हत्या की है उस व्यक्ति कि पिता हिन्दुस्तान के गृह मंत्री हैं, इसीलिए जब तक वह मंत्री हैं सही न्याय नहीं मिल सकता। राहुल ने कहा कि हमने ये बात राष्ट्रपति को बताई। उन्होंने कहा कि यह एक परिवार की नहीं बल्कि हिन्दुस्तान की आवाज है। राहुल ने आगे कहा कि अगर पिता मंत्री है तो निष्पक्ष जांच कैसे होगी?

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा, 'पीड़ित परिवारों का कहना है कि जिसने भी उनके बेटे की हत्या की है। उसे सजा मिले। जिस व्यक्ति (आशीष मिश्र) ने हत्या की उसके पिता देश के गृह राज्य मं7त्री हैं। जब तक वह अपने पद पर हैं तब तक न्याय नहीं मिलेगा। ये बात हमने राष्ट्रपति को बताई है।

प्रियंका ने भी राहुल गांधी की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'गृह राज्य मंत्री अपराधी के पिता हैं। जब तक उनकी बर्खास्तगी नहीं होती न्याय नहीं हो सकता। शहीद पत्रकार और किसानों के परिजनों की ये मांग है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया है कि वह खुद इस मामले पर आज सरकार से बात करेंगे।'


केरल के वायनाड से सांसद ने आगे कहा कि हमने राष्ट्रपति से कहा कि मंत्री को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के 2 सीटिंग जज के इन्क्वायरी होनी चाहिए। गौरतलब है कि कांग्रेस प्रतिनिधिनंडल इस घटना के तथ्यों से जुड़ा एक ज्ञापन भी राष्ट्रपति को सौंपा। कांग्रेस के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी के अलावा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल थे।

कांग्रेस की 2 बड़ी मांग

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि हमने राष्ट्रपति को लखीमपुर खीरी हिंसा के संबंध में सारी जानकारी दी। हमने दो मांगे उनके समक्ष रखी है। पहली-सिटिंग जज से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दूसरी- गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को या तो इस्तीफा दे देना चाहिए या बर्खास्त कर देना चाहिए। प्रतिनिधि मंडल में वरिष्ठ नेता एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी रहे हैं।


क्या है लखीमपुर हिंसा मामला?

आपको बता दे कि , तीन अक्टूबर, 2021 की घटना लखीमपुर शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर तिकुनिया-बनबीरपुर रोड पर हुई, जब किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव बनबीरपुर जाने का विरोध कर रहे थे। इस घटना में चार किसान, एक पत्रकार और तीन अन्य (जो इस घटना के बाद पीट-पीट कर मार दिए गए थे) की मौत हो गई थी। मरने वाले किसानों में दो लखीमपुर खीरी और दो पड़ोसी बहराइच जिले के थे। जिस दिन यह हिंसा लखीमपुर में हुई, उस दिन यूपी सरकार के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ वह लखीमपुर में एक सभा कर रहे थे। सोशल मीडिया में कुछ वीडियो फुटेज के जरिए अजय मिश्रा के बेटे की संलिप्तता का दावा किया गया, जिसे कोर्ट ने पहले न्यायिक हिरासत और बाद में पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

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