जनपथ रोड होगा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का नया पता
Ramnath kovind

Janpath Road will be the new address of former President Ram Nath Kovind


नयी दिल्ली।  पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का नया पता अब जनपथ रोड स्थित वह बंगला होगा,

 

 

 

जहां कभी पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान रहते थे।


द्रौपदी मुर्मू के भारत के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करने के बाद कोविंद राष्ट्रपति भवन छोड़कर सोमवार को अपने नए आवास पहुंचे।



परंपरा के तौर पर इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू भी मौजूद थीं।


पासवान का निधन 2020 में हुआ था। उससे पहले करीब तीन दशक तक वह 12 जनपथ स्थित इस बंगले में रहे।

उनके बेटे चिराग पासवान ने नोटिस मिलने के बाद अप्रैल में बंगला खाली कर दिया था।



बंगले को, राष्ट्रपति के तौर पर कोविंद का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनके आवास के रूप में तैयार किया गया है।



कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया, ‘‘ परंपरा के तौर पर माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के साथ पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय रामनाथ कोविंद जी का नई दिल्ली में 12-जनपथ पर उनके नए आवास में स्वागत किया।’’



उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और वी. के. सिंह भी 12-जनपथ पर कोविंद का स्वागत करते नजर आ रहे हैं।



गौरतलब है कि देश के प्रमुख दलित नेताओं में से एक पासवान का अक्टूबर 2020 में 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

वह 1989 से, जनता दल से लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी तक अलग-अलग विचारधाराओं वाले दलों के नेतृत्व वाली केंद्र सरकारों में मंत्री रहे।

 

 

 

 

 

राष्ट्रपति के शपथ समारोह में खड़गे को समुचित स्थान पर नहीं बैठाया गया: विपक्षी दल

 

कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने सोमवार को दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ऐसी सीट पर बैठाया गया जो उनकी पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी।



उन्होंने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर यह दावा भी किया कि एक वरिष्ठ नेता का जानबूझकर अनादर किया गया है जिसको लेकर वे हैरानी और विरोध जताते हैं।



कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्विटर पर यह पत्र साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने नायडू को पत्र लिखा है।



पत्र में इन दलों ने कहा, ‘‘आज राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे को ऐसी सीट पर बैठाया गया जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।’’



द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में देश की 15वीं राष्ट्रपति के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलायी।


 

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