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Kanpur News: नाबालिग लड़की को शराब पिलाकर किया गैंगरेप फिर से हैवानियत का कहर

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Kanpur News: कानपुर से शर्मनाक खबर सामने आई है। यहां दो नाबालिग फुफेरी बहनों को शराब पिलाकर हैवानियत की गई। भट्ठा ठेकेदार के बेटे और भांजे ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने वीडियो भी बना लिया। भट्ठा ठेकेदार ने पीड़ित परिवार को धमकी दी कि वीडियो वायरल कर दूंगा तो बेटियों की शादी नहीं कर पाओगे।

 

कानपुर के घाटमपुर इलाके से शर्मनाक वारदात सामने आई है। यहां कोतवाली के एक गांव में बुधवार रात पेड़ से लटककर जान देने वाली फुफेरी बहनों ने भट्ठा ठेकेदार के बेटे और भांजे की करतूत से तंग आकर यह खौफनाक कदम उठाया है। मंगलवार को दोनों युवकों ने उन्हें बहाने से शराब पिलाई और दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया।  

 

आरोपियों ने इस कृत्य का वीडियो भी बना लिया। जानकारी के बाद परिजनों ने विरोध किया तो ठेकेदार ने दोनों किशोरियों और परिवार की पिटाई, साथ ही वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आहत दोनों किशोरियां एक ही दुपट्टे से फंदा लगाकर लटक गईं। 

 

 

पुलिस ने ठेकेदार, उसके बेटे व भांजे के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट, धमकी, पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। फुफेरी बहनों की आत्महत्या के पीछे ठेकेदार रामरूप की भी बड़ी भूमिका है। दरअसल, किशोरियों के साथ दुष्कर्म कर वीडियो बनाए जाने की खबर भट्ठा मजूदरों के बीच जंगल में आग की तरह फैल चुकी थी। 

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इसके बाद 16 वर्षीय किशोरी के चाचा ने विरोध किया। ठेकेदार के बेटे और भांजे से वीडियो डिलीट करने के लिए कहा। मना करने पर दोनों पीड़ित परिवार ठेकेदार के पास पहुंचे। ठेकेदार ने उल्टा उनसे ही गालीगलौज शुरू कर दी। 

 

 

धमकी दी कि चार से छह लाख रुपये खर्च कर दूंगा। मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे, लेकिन वीडियो वायरल कर दिया तो तुम्हारी बेटियों की शादी नहीं हो पाएगी। कहीं मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहेंगी। ठेकेदार की ये बातें सुनकर दोनों बहनें रोते हुए अपनी झोपड़ी में चली गईं। इसके बाद रात को दोनों ने आत्महत्या कर ली।

 

 

किशोरियों को एक माह से कर रहे थे परेशान
देर रात फुफेरी बहनों के जान देने की सूचना पर डीसीपी रविंद्र कुमार पूरी रात मौके पर रहे। फोरेंसिक टीम ने मौका-ए-वारदात से साक्ष्य एकत्रित किए। इसके साथ ही एक ट्रक पीएसी तैनात कर दी। वहीं दूसरी ओर एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर गुरुवार तड़के घटनास्थल पहुंचे और मजदूरों के बयान दर्ज किए। लोगों ने बताया कि ठेकेदार दबंग है। वह लोगों को डरा-धमकाकर काम कराता है। उसका बेटे और भांजा एक माह पहले ही भट्ठे पर आए थे। तभी से दोनों बहनों को परेशान करना शुरू कर दिया था।

 

 

परिजनों को खाना देकर निकलीं, फिर लटके मिले शव
मंगलवार को पूरे घटनाक्रम के बाद से दोनों किशोरियां आहत थीं। बुधवार रात को दोनों ने अपने परिजनों को खाना परोसा। इसके बाद शौच जाने की बात कहकर बाहर निकल गईं। काफी देर तक न लौटने पर परिजनों को तलाश शुरू की। इसके बाद झोपड़ी से 50 मीटर दूर बेरी के पेड़ से एक ही दुपट्टे से लटके दोनों शव मिले। 

एक किशोरी के माता-पिता गए थे पैतृक गांव
पुलिस के अनुसार घटना के वक्त एक किशोरी के माता-पिता शादी समारोह में शामिल होने पैतृक गांव गए थे। दूसरी किशोरी के माता-पिता घाटमपुर राशन खरीदने गए थे। छोटी बेटी ने बताया कि वह बड़ी बहन के साथ घर पर ही थी। ठेकेदार के बेटे और भांजे को बहनों को शराब पिलाते देखा तो उसने शिकायत करने की बात कही। इस पर उसे धमकाकर शांत करा दिया। इसके बाद वह अंदर चली गई।

मजदूर भी मारने लगे थे ताने
मंगलवार को हुई घटना की खबर वहां रहने वाले सभी मजदूरों तक पहुंच चुकी थी। पीड़ित परिजनों ने बताया कि बाकी मजदूर भी बेटियों को ताने मारने लगे थे। इससे भी बेटियां आहत थीं। बता दें, यहां 19 परिवार रहते हैं और 250 मजदूर काम करते हैं।

दोनों घरों में नहीं जले चूल्हे, रोने की आती रहीं आवाज
आत्महत्या करने वाली दोनों किशोरियों की झोपड़ियों से गुरुवार महिलाओं के रोने की आवाजें ही आ रही थीं। 16 वर्षीय किशोरी के दरवाजे पर उसकी मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पास बैठी अन्य मजदूर महिलाएं उसे ढांढस बंधा रही थीं। उसके दो बड़े बेटे व दो बेटियां थीं। एक उसे छोड़कर जा चुकी है। इसी तरह दूसरी किशोरी के घर उसकी मां और एक छोटी बहन रोती मिली। अब तीन बेटियां व एक बेटा बचा है। दोनों घरों में चूल्हे भी नहीं जले थे।

एक ही गांव और बिरादरी के हैं पीड़ित और ठेकेदार
बरौली स्थित भट्ठे में ईंट पाथने का काम करने वाले परिवार हमीरपुर जिले के एक ही गांव और बिरादरी के हैं। किशोरी के पिता गांव के ही ठेकेदार रामरूप को भइया कहते हैं। रामरूप के कहने पर ही सभी यहां दीपावली बाद काम करने आए थे। हालांकि रामरूप पहले भी दूसरे भट्ठे में काम करता रहा है। पीड़ितों ने बताया कि पारिवारिक होने के नाते हम लोग उस पर विश्वास करके आए थे।

दबंग प्रवृत्ति का है ठेकेदार, दबाव में कराता है काम
पीड़ित परिवार ने बताया कि ठेकेदार दबंग प्रवृत्ति का है। वह यहां रह रहे लोगों को दबाव में लेकर काम करता है। उन्हें 1000 ईंट पथाई का 750 रुपये मिलता है। इसमें भी वह भट्ठा मालिक से कमीशन लेता है। किसी मजदूर का यदि स्वास्थ्य खराब हो जाए तो भी जबरिया काम करता है। हर 15 दिन में भट्ठा मालिक द्वारा खुराकी के रूप में कुछ रुपये दिए जाते हैं।


पोस्टमार्टम हाउस में बेहोश हुए दोनों किशोरियों के पिता
घटनाक्रम बयां करते हुए दोनों किशोरियों के पिता पोस्टमार्टम हाउस में गश खाकर गिर गए। वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उन्हें पानी पिलाया। वह रोते हुए आपबीती बता रहे थे। उनका कहना था कि उन्हें नहीं पता था कि एक माह पहले भट्ठे पर आए ठेकेदार का बेटा और भांजा उनकी बेटियों के मौत का कारण बन जाएगा।

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