WHO की चेतावनी: अस्पतालों में भीड़ बढ़ी तो इलाज न होने से मरेंगे लोग, कड़े उपायों से ही रुकेगा संक्रमण
डब्ल्यूएचओ की चेतावनी: अस्पतालों में भीड़ बढ़ी तो इलाज न होने से मरेंगे लोग, कड़े उपायों से ही रुकेगा संक्रमण

कोविड संक्रमण जंगल में आग की तरह फैल रहा है। लापरवाही की हवा इस आग को और भड़का रही है। डब्ल्यूएचओ चिंतित है कि इस पर काबू नहीं किया, तो कितने ही निर्दोष लोग इसकी चपेट में आएंगे। जहां स्वास्थ्य ढांचा कमजोर है वहां अस्पतालों में भीड़ बढ़ी तो इलाज के अभाव में लोगों की मौत हो जाएगी।डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम क्षेत्रपाल ने कहा कि मौजूदा हालात में दुनियाभर में कोविड की रोकथाम के लिए हो रहे प्रयास बिखर हुए, दिशाहीन व आधे-अधूरे हैं। इससे वे लोग भी जोखिम में हैं, जो अपने स्तर पर बचाव के नियमों का पालन कर रहे हैं।उन्होंने बचाव के सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों को सख्ती से लागू करने का आह्वान करते हुए कहा कि ओमिक्रॉन को हल्का मानकर लापरवाह हो जाने की गुंजाइश नहीं है।

संक्रमण को काबू करना है, तो सख्त उपाय करने होंगे। भीड़भाड पर नियंत्रण, समाजिक दूरी और मास्क की अनिवार्यता कड़ाई से लागू करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि महामारी में जहां पहले से ही स्वास्थ्य ढांचा पर्याप्त नहीं है, वहां हालात और भयावह हो सकते हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में ऐसे लोगों के जान गंवाने की आशंका है, जिन्हें बचाया जा सकता है। लिहाजा,  संक्रमण की रफ्तार में कमी लाने पर ध्यान होना चाहिए। तीव्र टीकाकरण पर ध्यान देना होगा, साथ ही दोनों खुराक ले चुके लोगों को भी बचाव के नियमों के पालन करने के बारे में जागरूक करना होगा, ताकि वे भी नियमों का पालन करें। लोगों की जान बचाने के लिए यह जरूरी है कि अस्पतालों में उनकी क्षमता से ज्यादा भीड़ नहीं हो, यह तभी संभव होगा, जब बचाव के उपाय कठोरता से लागू होंगे।

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