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शेयर बाजार में रिलायंस का धमाका, निवेशकों के भरोसे से एक लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप

29,550 करोड़ के मुनाफे के बाद रिलायंस के शेयरों में उछाल, मार्केट कैप में बड़ा इजाफा

नई दिल्ली। देश की प्रमुख उद्योग कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सोमवार, 2 नवंबर को शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत तिमाही वित्तीय नतीजों के बाद निवेशकों ने शेयरों में जमकर खरीदारी की। शुरुआती कारोबार में रिलायंस के शेयर 7 प्रतिशत से अधिक उछलकर 1,246.45 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। इस तेजी के चलते कंपनी के बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर पिछले कारोबारी बंद भाव 1,163.55 रुपये की तुलना में 7.12 प्रतिशत बढ़कर 1,246.45 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर में 6.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 1,244 रुपये तक पहुंच गया। इस उछाल के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर करीब 16.75 लाख करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की कुल बाजार हैसियत में 1,00,208 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ।

दूसरी तिमाही में दर्ज किया रिकॉर्ड मुनाफा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की प्रमुख वजह वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के शानदार नतीजे रहे। कंपनी ने जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज 22,092 करोड़ रुपये के मुकाबले 33.8 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी का मालिकों के हिस्से का शुद्ध लाभ 40 प्रतिशत बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी की कुल समेकित आय में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में समेकित राजस्व 27.8 प्रतिशत बढ़कर 3,62,268 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (EBITDA) 23.9 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 62,409 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार से मिला सबसे बड़ा सहारा

कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी के पीछे ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार की मजबूत वापसी अहम रही। वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार से इस कारोबार की कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। दूसरी तिमाही में O2C कारोबार का EBITDA 67.9 प्रतिशत बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये रहा। वहीं, डिजिटल सेवाओं और टेलीकॉम कारोबार ने भी कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती दी।

हालांकि, रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। इसके बावजूद ऊर्जा और डिजिटल कारोबार की बेहतर कमाई ने खुदरा कारोबार की सुस्ती के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित किया।

शेयर बाजार में भी दिखा सकारात्मक असर

रिलायंस के शेयरों में तेजी का असर व्यापक शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में कंपनी सेंसेक्स और निफ्टी की प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियों में शामिल रही। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, बेहतर तिमाही नतीजे और कंपनी की प्रमुख कारोबारी इकाइयों में सुधार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है और निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन तथा बाजार की परिस्थितियों का आकलन जरूरी है।

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