Gold-Silver Price: भारी गिरावट के बाद सोने-चांदी में तेजी, जानिए आज का भाव
Gold-Silver Price: लगातार गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 2 नवंबर को सुधार देखने को मिला। पिछले सप्ताह भारी बिकवाली के कारण कीमती धातुओं के भाव करीब एक साल के निचले स्तर तक पहुंच गए थे। हालांकि, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच सोने-चांदी ने फिर से बढ़त दर्ज की। इससे सर्राफा बाजार और निवेशकों को कुछ राहत मिली है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोमवार को दिसंबर डिलीवरी वाला सोना तेजी के साथ खुला। इसका भाव पिछले बंद स्तर 1,38,485 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 518 रुपये बढ़कर 1,39,003 रुपये पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह लगभग 1,38,733 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं, चांदी की कीमतों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 1,962 रुपये की बढ़त के साथ 1,81,094 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। कारोबार के दौरान इसका भाव करीब 1,81,125 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लौटी तेजी
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में सुधार देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी का भाव 50 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को सोने की कीमतों में लगभग 3.7 प्रतिशत और चांदी में करीब 6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
क्यों बढ़ने लगे सोने-चांदी के भाव?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से महंगाई को लेकर बनी चिंताओं में कुछ कमी आई है। इसका सकारात्मक असर कीमती धातुओं पर पड़ा है। इसके अलावा, कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार को सहारा मिला। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। ऐसे में खरीदारों और निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के रुझान पर नजर रखनी चाहिए।
