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Bihar News: 3 दिन बाद गया से सकुशल मिला मासूम आद्विक, जांच में 4 साल पहले चोरी हुआ बच्चा भी बरामद

Bihar News: 3 दिन बाद गया से सकुशल मिला मासूम आद्विक, जांच में 4 साल पहले चोरी हुआ बच्चा भी बरामद
पुलिस ने गया के डेल्हा थाना क्षेत्र स्थित खरखुरा मोहल्ले में छापेमारी कर आरोपी महिला रंजू देवी को गिरफ्तार किया।
बिहार। बिहार के औरंगाबाद जिले के ओबरा से अपहृत चार वर्षीय आद्विक परासर को पुलिस ने महज तीन दिन के भीतर गया से सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसमें चार साल पहले चोरी हुआ बच्चा शिवम कुमार भी बरामद कर लिया गया। दोनों बच्चों की बरामदगी के बाद इलाके में खुशी का माहौल है और पुलिस की जमकर सराहना हो रही है।

जानकारी के अनुसार 16 मई 2026 को ओबरा थाना क्षेत्र स्थित देवी मंदिर के पास से चार वर्षीय आद्विक परासर का अपहरण कर लिया गया था। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध क्षेत्र के आईजी Vikas Vaibhav के निर्देश पर औरंगाबाद और गया पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया।

CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग

जांच के दौरान पुलिस को गया रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज मिले, जिसमें एक महिला बच्चे को अपने साथ ले जाती दिखाई दी। फुटेज में महिला गया स्टेशन से निकलकर डेल्हा थाना क्षेत्र की ओर जाती नजर आई। इसी आधार पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

महिला गिरफ्तार, बच्चा सकुशल बरामद

पुलिस ने गया के डेल्हा थाना क्षेत्र स्थित खरखुरा मोहल्ले में छापेमारी कर आरोपी महिला रंजू देवी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आद्विक को सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे के सुरक्षित मिलने की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

जांच में सामने आया 4 साल पुराना मामला

पुलिस जांच के दौरान महिला के घर से एक और बच्चा बरामद हुआ। पूछताछ और जांच में पता चला कि यह बच्चा शिवम कुमार है, जिसे वर्ष 2022 में ओबरा देवी मंदिर परिसर से चोरी किया गया था। शिवम के पिता अनूप पांडेय अरवल जिले के निवासी हैं।

पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला ने संतान नहीं होने के कारण बच्चों का अपहरण कर उन्हें अपने पास रखा था। मामले में महिला के पति रविंद्र पासवान और उसकी दो बहनों को भी गिरफ्तार किया गया है।

चार साल तक बच्चे को अपना बेटा बनाकर रखा

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बच्चे के अपहरण के बाद महिला लगातार उसे अपने बेटे की तरह पालती रही। इतने वर्षों तक पुलिस भी महिला तक नहीं पहुंच सकी। शिवम के परिजन धीरे-धीरे उसके मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे।

लेकिन चार वर्षीय आद्विक परासर के हालिया अपहरण ने इस पुराने मामले की परतें खोल दीं। गया पुलिस और औरंगाबाद पुलिस की संयुक्त जांच में महिला के किराये के मकान से शिवम भी बरामद हो गया।

आद्विक को लड़की समझकर किया था अपहरण

पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि आद्विक के लंबे बाल और मासूम चेहरे को देखकर उसे लगा कि वह लड़की है। आरोपी महिला ने सोचा कि “एक बेटा और एक बेटी” होने से उसका परिवार पूरा हो जाएगा। इसी सोच के चलते उसने आद्विक का अपहरण किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि आद्विक अपहरण मामले की जांच सही दिशा में नहीं बढ़ती तो संभव है कि शिवम के अपहरण का सच कभी सामने नहीं आ पाता।

महिला के मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच

पुलिस विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की हरकत करने वाली महिला मानसिक रूप से असामान्य या साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर से ग्रसित हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

मामले में महिला के पति रविंद्र पासवान और उसकी दो बहनों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी को इस बात की जानकारी थी कि दोनों बच्चे चोरी के हैं।

पुलिस टीम की हो रही सराहना

आद्विक और शिवम की बरामदगी के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की सराहना की है। लोगों ने कहा कि आईजी विकास वैभव, एसपी अंबरीष राहुल, एसडीपीओ अशोक कुमार दास और पुलिस टीम की सक्रियता से दोनों बच्चों को सकुशल बरामद किया जा सका।

 

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