सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने वालों पर सख्ती, बिहार सरकार ने बदला कानून
पटना। बिहार सरकार ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग और पेपर लीक जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। संशोधन के बाद सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का प्रयोग या किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
सरकार के अनुसार, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर अभद्र भाषा और आपत्तिजनक सामग्री के बढ़ते मामलों को देखते हुए कानून में यह संशोधन आवश्यक माना गया। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अशोभनीय टिप्पणी करने वाले मामलों में अब बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
संशोधित प्रावधानों के अनुसार दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में छह महीने से एक वर्ष तक के कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
पेपर लीक करने वालों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई
राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने वाले संगठित गिरोहों पर भी शिकंजा कसने का निर्णय लिया है। अब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने या इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल आरोपियों पर भी बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि हाल के वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कानून को और सख्त बनाया गया है।
साइबर और डिजिटल अपराधों पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। साइबर अपराध, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और ऑनलाइन ठगी जैसी घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए कानून में संशोधन किया गया है, जिससे पुलिस और जांच एजेंसियों को प्रभावी कार्रवाई करने में सुविधा मिलेगी।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय
कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को मंजूरी प्रदान की गई। वहीं, मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।
सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना, सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता पर नियंत्रण करना तथा पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
