दरभंगा में 7 जून को होगी शिक्षाशास्त्री संयुक्त प्रवेश परीक्षा, 18 मई तक करें आवेदन
दरभंगा। बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में संचालित दो वर्षीय बी.एड एवं शिक्षाशास्त्री (संस्कृत बीएड) पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (CET-B.Ed.) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस वर्ष राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 अप्रैल से जारी है।
विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. रामसेवक झा ने बताया कि शास्त्री, आचार्य अथवा संस्कृत विषय से स्नातक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षाशास्त्री (संस्कृत बीएड) में नामांकन का सुनहरा अवसर है। अभ्यर्थी बिना विलंब शुल्क के 18 मई तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि विलंब शुल्क के साथ 21 मई तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि शिक्षाशास्त्री कार्यक्रम की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 7 जून को दरभंगा केंद्र पर आयोजित होगी तथा परीक्षा परिणाम 19 जून को प्रकाशित किया जाएगा। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन में संशोधन का अवसर 22 एवं 23 मई को मिलेगा, जबकि प्रवेश पत्र 1 जून से डाउनलोड किए जा सकेंगे।
डॉ. झा ने कहा कि कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय बिहार का एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय है, जहां संस्कृत माध्यम से शिक्षाशास्त्री (बीएड) की पढ़ाई कराई जाती है। यहां शिक्षाशास्त्री पाठ्यक्रम के लिए 100 सीटें निर्धारित हैं। छात्र-छात्राओं के लिए कम शुल्क पर छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध है।
आवेदन करते समय रखें विशेष ध्यान
ऑनलाइन आवेदन के दौरान प्रोग्राम चयन में “बी.एड” एवं “शिक्षाशास्त्री” दो विकल्प दिए जाएंगे। संस्कृत विषय के अभ्यर्थियों को केवल “शिक्षाशास्त्री” विकल्प का चयन करना होगा। गलत विकल्प चुनने पर नामांकन संभव नहीं होगा।
आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट: biharcetbed-brabu.in
120 अंकों की होगी परीक्षा
संयुक्त प्रवेश परीक्षा में कुल 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए दो घंटे का समय निर्धारित रहेगा। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। प्रश्नपत्र में सामान्य हिंदी (15 अंक), संस्कृत (15 अंक), तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता (25 अंक), सामान्य जागरूकता (40 अंक) तथा शिक्षण-अधिगम वातावरण (25 अंक) से प्रश्न पूछे जाएंगे।
न्यूनतम अर्हता अंक निर्धारित
अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत (42 अंक) तथा आरक्षित वर्ग के लिए 30 प्रतिशत (36 अंक) अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
नोडल पदाधिकारी के अनुसार अब तक शिक्षाशास्त्री कार्यक्रम के लिए 150 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं तथा जुलाई के प्रथम सप्ताह से कक्षाएं शुरू होने की संभावना है।
