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West Bengal Rail Projects: बंगाल की 17 अटकी रेल परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार, वर्षों बाद फिर शुरू होगा निर्माण कार्य

West Bengal Rail Projects: बंगाल की 17 अटकी रेल परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार, वर्षों बाद फिर शुरू होगा निर्माण कार्य
 प्रीति सिंह की रिपोर्ट

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में वर्षों से लंबित पड़ी 17 महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को केंद्र सरकार ने फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। रेल मंत्रालय ने इन परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने की मंजूरी दे दी है।

माना जा रहा है कि इन रेल लाइनों के पूरा होने से राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और लाखों लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन परियोजनाओं को पहले स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया था।

अब जनता की बढ़ती जरूरतों और लंबे समय से लंबित मांगों को देखते हुए इन परियोजनाओं पर दोबारा काम शुरू करने का फैसला लिया गया है।

भूमि अधिग्रहण बना था सबसे बड़ा कारण

रेल मंत्री ने बताया कि अधिकांश परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण में राज्य स्तर पर सहयोग नहीं मिलने और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों के कारण वर्षों से रुकी हुई थीं। इन कारणों से कई परियोजनाओं का निर्माण बीच में ही रोकना पड़ा था।

अब केंद्र सरकार ने संबंधित परियोजनाओं को दोबारा सक्रिय करते हुए निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

423 किलोमीटर नई रेल लाइनों पर होगा काम

पुनर्जीवित की गई परियोजनाओं के तहत करीब 423 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण किया जाएगा। इनमें राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ने वाली लाइनें शामिल हैं।

इन 17 रेल परियोजनाओं पर फिर शुरू होगा कार्य

  • प्रांतिक – सिउरी (34 किमी)

  • बंगाण – पोरमहेशतला (20 किमी)

  • बनगांव – चांदबाजार (12 किमी)

  • चांदबाजार – बगदाह (14 किमी)

  • रानाघाट (अरनघाटा) – दत्ताफुलिया (8 किमी)

  • कांथी – एगरा (26 किमी)

  • नंदकुमार – बलाईपांडा (28 किमी)

  • नंदीग्राम – कांडियामारी (7 किमी)

  • बोवाईचंडी – आरामबाग (31 किमी)

  • बोवाईचंडी – खाना (24 किमी)

  • बाकुरा (कलाबती) – पुरुलिया (65 किमी)

  • रायगंज – इताहार (22 किमी)

  • गजोले – इताहार (27 किमी)

  • इताहार – बुनियादपुर (27 किमी)

  • चाल्सा – नक्सल (20 किमी)

  • राजभटखावा – जयंतिया (15 किमी)

  • रायगंज – दालखोला (43 किमी)

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। साथ ही व्यापार, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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