मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की हो रही रेकी?...पश्चिम बंगाल में जैश मॉड्यूल का खुलासा, STF ने दो संदिग्धों को दबोचा!
कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़े मॉड्यूल का खुलासा किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की रेकी की जा रही थी और उन्हें निशाना बनाने की कोई साजिश रची गई थी।
STF ने शुक्रवार को पूर्वी बर्धमान जिले के बर्दवान शहर में किराए के मकान से हमीम मंडल और अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों पिछले एक वर्ष से अधिक समय से सोशल मीडिया के जरिए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे। तलाशी के दौरान उनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए डिजिटल डेटा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मौजूद थी।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या मुख्यमंत्री को निशाना बनाने की कोई आतंकी साजिश तैयार की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा विधायक उमेश राय से जुड़ी गतिविधियों की भी जानकारी जुटाए जाने के संकेत मिले हैं।
एसटीएफ के महानिरीक्षक गौरव शर्मा ने बताया कि दोनों संदिग्ध सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी नेटवर्क से जुड़े थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने जांच एजेंसियों से पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की अपेक्षा जताई।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कथित तौर पर गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर के माध्यम से संचालित किया जा रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह सीमा पार हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए आतंकी गतिविधियों को वित्तीय सहायता पहुंचाने में भी शामिल हो सकता है। पूरे मामले में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं।
