कलाकारों के हितों की रक्षा के लिए बना 'परफॉर्मर्स ऑफ बंगाल', मुख्यमंत्री से कीं 7 अहम मांगें
कलाकारों के हक की लड़ाई के लिए बना नया मंच, 'परफॉर्मर्स ऑफ बंगाल' ने सरकार के सामने रखीं 7 बड़ी मांगें
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक और कला जगत में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। कलाकारों के अधिकारों की सुरक्षा, सांस्कृतिक क्षेत्र में पारदर्शिता और बेहतर कार्य वातावरण की मांग को लेकर 'परफॉर्मर्स ऑफ बंगाल' नामक नए संगठन का आधिकारिक गठन किया गया है।
बुधवार, 17 जून को आयोजित पहली बैठक में मुख्य रूप से बंगाली संगीत जगत से जुड़े गायक, संगीतकार और वोकल कलाकार शामिल हुए। इस अवसर पर भाजपा विधायक और अभिनेता रुद्रनील घोष को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।

संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि 'परफॉर्मर्स ऑफ बंगाल' का उद्देश्य कलाकारों की समस्याओं को संगठित तरीके से सरकार और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना है। मंच ने मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों के कल्याण और सुरक्षा से जुड़ी 7 प्रमुख मांगें रखी हैं।
इन मांगों में वरिष्ठ कलाकारों के लिए बुढ़ापा भत्ता, कलाकारों के लिए मेडिक्लेम सुविधा, महिला कलाकारों की सुरक्षा, बंगाली संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तथा कलाकारों के लिए पारदर्शी कार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल हैं।
संगठन का कहना है कि लंबे समय से कलाकारों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिल पाया। ऐसे में यह मंच कलाकारों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए काम करेगा।
'परफॉर्मर्स ऑफ बंगाल' ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सांस्कृतिक क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, समावेशी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास करेगा। संगठन का मानना है कि कलाकारों को सम्मानजनक कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा मिलना उनका अधिकार है।
सांस्कृतिक जगत के जानकारों का कहना है कि इस नए संगठन के गठन से बंगाल के कला और मनोरंजन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद बढ़ी है। आने वाले दिनों में यह मंच कलाकारों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा सकता है।
