पश्चिम बंगाल। नई सरकार के गठन के बाद आज पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्रिमंडल के सदस्यों में उत्साह और ऊर्जा साफ देखने को मिली।
बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, वहीं प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और जनता से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। पहली कैबिनेट मीटिंग को सरकार के आगामी पांच वर्षों की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है।
11 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में नवगठित भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबान्न (राज्य सचिवालय) में संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक बैठक के मुख्य दृश्य और पल इस प्रकार हैं:

पोर्टफोलियो का ऐलान: बैठक में शनिवार को शपथ लेने वाले 5 मंत्रियों के विभागों (Portfolios) की घोषणा की गई।
बैठक का एजेंडा: मुख्य फोकस राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 'डबल इंजन' सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देने पर रहा।
प्रशासनिक समीक्षा: मुख्यमंत्री ने राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेटों के साथ बैठक की, जो चुनाव बाद हुई हिंसा के बीच कानून-व्यवस्था को कड़ा करने का संकेत है।
भगवा रंग में नबान्न: पहली कैबिनेट बैठक से पहले राज्य सचिवालय नबान्न को भगवा लाइटों से सजाया गया था, जो एक बड़े राजनीतिक बदलाव का प्रतीक माना गया।
जांच आयोग का गठन: महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों की जांच के लिए विशेष आयोग बनाने के निर्णय पर चर्चा की गई।
यह बैठक राज्य में 'नया सवेरा' और सुशासन के वादे के साथ शुरू हुई।
