सौरभ हत्याकांड: अदालत के फैसले से लेकर VC रूम की प्रतिक्रिया तक, जानिए पूरा घटनाक्रम...
मेरठ। उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत द्वारा मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों दोषियों की प्रतिक्रिया को लेकर वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने अहम जानकारी दी। वहीं, मृतक की मां रेनू देवी ने फैसले पर संतोष जताते हुए इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सजा सुनते ही VC रूम में छाया सन्नाटा
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, अदालत की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से हुई, जिसके दौरान वह भी वीसी रूम में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि फैसला सुनाए जाने के समय दोनों दोषियों को मृत्युदंड की उम्मीद नहीं थी। उनके अनुसार, उन्हें संभवतः उम्रकैद की सजा मिलने की आशंका थी। जैसे ही अदालत ने मौत की सजा सुनाई, दोनों की प्रतिक्रिया बदल गई और कमरे में सन्नाटा छा गया।
मेरठ ब्लू ड्रम केस कोर्ट का बड़ा फैसला, मुस्कान-साहिल को मौत की सजा!
‘सच की जीत हुई, यह पहली लड़ाई है’
अदालत के फैसले पर मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों को मृत्युदंड मिलने से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। उनके मुताबिक, परिवार ने न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है और यह उसकी पहली जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि दोषी पक्ष ऊपरी अदालत में अपील करता है, तो परिवार वहां भी न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कानून-व्यवस्था की सराहना की
मामले में फैसले के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध के मामलों में कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार की ओर से सख्त रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने इसे अपराध के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से जोड़ते हुए कहा कि कानून के दायरे में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नीले ड्रम में शव छिपाने की घटना से दहल गया था देश
सौरभ राजपूत हत्याकांड ने अपनी भयावह परिस्थितियों के कारण देशभर में लोगों का ध्यान खींचा था। मामले में पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया गया। आरोप था कि सौरभ की हत्या के बाद उसके शव को नीले ड्रम में छिपाया गया था। मामले की जांच और न्यायिक सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया।
अदालत के फैसले के बाद अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी। मृत्युदंड के मामलों में लागू कानूनी प्रक्रिया और संभावित अपील के तहत आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।