राहुल गांधीका 'छात्रों की गूंज' अभियान लॉन्च, NEET पेपर लीक से लेकर NTA सुधार तक उठीं 3 बड़ी मांगें

कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया। जानिए NEET 2026 पेपर लीक, NTA सुधार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, 28 शहरों का कार्यक्रम और पूरी जानकारी।
 

 

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देशभर के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और युवाओं को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से "छात्रों की गूंज" नाम से 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है। कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, NEET UG 2026 विवाद, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों को लेकर चलाया जाएगा।

कांग्रेस के मुताबिक, यह अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में आयोजित होगा। इसके तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और छात्र संगठनों के बीच संवाद कार्यक्रम, जनसंपर्क अभियान और छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का दावा है कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा।

 

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि NEET UG 2026 पेपर लीक ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) लगातार विवादों में रही है और पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी तथा भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

पार्टी ने दावा किया कि पिछले एक दशक में देशभर में करीब 89 पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से इस अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को देशभर में मजबूत किया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था एक "रिजेक्शन सिस्टम" बन गई है, जहां लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बावजूद रोजगार और अवसरों से वंचित रह जाते हैं।

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कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें तथा कथित पेपर लीक नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • NTA सहित पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किया जाए और पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, परीक्षा केंद्र, डिजिटल सिस्टम व वेंडर कॉन्ट्रैक्ट की स्वतंत्र जांच हो।
  • वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू किया जाए, ताकि परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की समय-सीमा पहले से तय हो और उसका पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अभियान का कार्यक्रम

कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 28 शहरों में पंपलेट वितरण, स्टूडेंट आउटरीच ड्राइव और नुक्कड़ सभाएं आयोजित होंगी। पूरे जुलाई माह में छात्र संवाद, कैंपस कार्यक्रम और "अंबेडकर डायलॉग" चलाए जाएंगे। 1 अगस्त को देशभर के 28 शहरों में कलेक्ट्रेट घेराव किया जाएगा, जबकि 9 अगस्त को पहले चरण का समापन "दिल्ली चलो" अभियान के साथ होगा।

कांग्रेस ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए मिस्ड कॉल नंबर 9873036161 जारी किया है। इच्छुक छात्र www.chhatronkigoonj.in पर पंजीकरण कर अपने शहर में अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। पार्टी का कहना है कि यह केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय अभियान है।