पश्चिम बंगाल चुनाव पर कांग्रेस का हमला: “लोकतंत्र नहीं, तमाशा बन गई प्रक्रिया”
Bengal Election Results 2026: कोलकाता के विधान भवन में आज पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्य की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। इस मौके पर WBPCC की मीडिया एवं प्रचार समिति की अध्यक्ष मीता चक्रवर्ती और महासचिव आशुतोष चटर्जी भी उपस्थित रहे।
चुनाव बाद की स्थिति पर चिंता
शुभंकर सरकार ने पूरे राज्य में स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास बढ़ती अशांति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित समूह जानबूझकर तनावपूर्ण माहौल बना रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
राजनीतिक पक्षपात के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि:
नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रैलियों को आसानी से अनुमति मिली।
जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की सभाओं में बाधाएँ डाली गईं।
जिन स्थानों पर ममता बनर्जी को अनुमति मिली, वहीं कांग्रेस को रोका गया।
उन्होंने इसे असमान और अनुचित चुनावी माहौल करार दिया।
“शांतिपूर्ण चुनाव” के दावे खारिज
शुभंकर सरकार ने चुनाव को शांतिपूर्ण बताए जाने पर सवाल उठाते हुए आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देवदीप चटर्जी की हत्या और मतदाताओं के बीच डर के माहौल का जिक्र किया।
सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि:
केंद्रीय बल BJP के पक्ष में काम कर रहे थे।
राज्य बल TMC के पक्ष में झुके हुए थे।
कांग्रेस उम्मीदवारों और एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश से रोका गया।
27 लाख मतदाता वोट से वंचित
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि व्यवस्थागत खामियों के कारण 27 लाख से अधिक मतदाता वोट नहीं डाल सके, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया।
EVM और मतगणना पर संदेह
उन्होंने EVM बदलने के आरोपों और पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष मतगणना की मांग की।
उम्मीदवारों को प्रभावित करने का आरोप
मगराहाट सीट के एक कांग्रेस उम्मीदवार को दूसरी पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर किए जाने के आरोप को उन्होंने लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
चुनाव प्रक्रिया पर तीखा हमला
शुभंकर सरकार ने कहा कि:
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी
प्रशासनिक पक्षपात
विकास मुद्दों की अनदेखी
इन सबने चुनाव को लोकतांत्रिक उत्सव के बजाय तमाशा बना दिया है।
BJP और TMC पर निशाना
BJP पर तानाशाही रवैये और आर्थिक हेरफेर के आरोप लगाए गए।
TMC पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस को बताया विकल्प
उन्होंने कहा कि न BJP और न ही TMC जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, और कांग्रेस एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर रही है।
शांति बनाए रखने की अपील
अंत में शुभंकर सरकार ने सभी दलों से मतगणना के दौरान शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने की अपील की, साथ ही पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।