भाजपा को लगा एक और झटका,परिवहन मंत्री संग एक और नेता हुए कांग्रेस में शामिल
 उत्तराखंड विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे संजीव आर्य आज दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उत्तराखंड में तेजी से सियासी घटनाक्रम बदल रहा है। 2017 में विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल होने वाले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य व विधायक संजीव आर्य आज कांग्रेस में शामिल हो गए। सुबह 11 बजे दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए। राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रेस कांफ्रेंस करके विधिवत कांग्रेस की सदस्यता ली। कांग्रेस चुनाव अभियान अध्यक्ष हरीश रावत भी मौके पर मौजूद रहे। हरदा के दलित सीएम उम्मीदवार की घोषणा से राजनीतिक गलियारे में इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई थी।   समाज कल्याण मंत्री व बाजपुर से विधायक यशपाल आर्य व उने बेटे संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक है। दोनों ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था। तब भाजपा ने दोनों को प्रत्याशी भी बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। अब 2022 के विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए राज्य में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। हालांकि पिता-पुत्र के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम पूरी तरह गोपनीय रखा गया था।  गणेश गोदियाल और हरीश रावत भी दिल्ली में दिल्ली में कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रेस वार्ता में यशपाल और संजीव आर्य ने वापसी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत भी मौजूद रहे।  उत्तराखंड सरकार में मंत्री हैं यशपाल आर्य यशपाल आर्य बाजपुर और उनके बेटे संजीव आर्य नैनीताल सीट से विधायक हैं। वहीं यशपाल आर्य पुष्कर सिंह धामी सरकार में मंत्री थे और उनके पास छह विभाग थे। जिसमें परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, निर्वाचन और आबकारी विभाग शामिल थे।  बता दे कि यशपाल और संजीव आर्य ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था। भाजपा ने तब दोनों को प्रत्याशी भी बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। यशपाल पूर्व में उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं। यशपाल आर्य पहली बार 1989 में खटीमा सितारगंज सीट से विधायक बने थे। वह पहले भी काफी समय तक कांग्रेस पार्टी में भी रहे हैं।   वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार पुराने कांग्रेसियों के दम पर ही चल रही है। धामी कैबिनेट में कांग्रेस से आयात किए गए नेता बहुतायत में हैं। अगर मुख्यमंत्री का यह कहना कि कांग्रेस में लीडरशीप की कमी है, तो उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि वह चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस की ओर ही नजर क्यों बनाए रखते हैं। यह कहना है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का।

उत्तराखंड विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे संजीव आर्य आज दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उत्तराखंड में तेजी से सियासी घटनाक्रम बदल रहा है। 2017 में विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल होने वाले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य व विधायक संजीव आर्य आज कांग्रेस में शामिल हो गए। सुबह 11 बजे दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए। राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रेस कांफ्रेंस करके विधिवत कांग्रेस की सदस्यता ली। कांग्रेस चुनाव अभियान अध्यक्ष हरीश रावत भी मौके पर मौजूद रहे। हरदा के दलित सीएम उम्मीदवार की घोषणा से राजनीतिक गलियारे में इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई थी।

समाज कल्याण मंत्री व बाजपुर से विधायक यशपाल आर्य व उने बेटे संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक है। दोनों ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था। तब भाजपा ने दोनों को प्रत्याशी भी बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। अब 2022 के विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए राज्य में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। हालांकि पिता-पुत्र के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम पूरी तरह गोपनीय रखा गया था।

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गणेश गोदियाल और हरीश रावत भी दिल्ली में
दिल्ली में कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रेस वार्ता में यशपाल और संजीव आर्य ने वापसी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत भी मौजूद रहे।

उत्तराखंड सरकार में मंत्री हैं यशपाल आर्य
यशपाल आर्य बाजपुर और उनके बेटे संजीव आर्य नैनीताल सीट से विधायक हैं। वहीं यशपाल आर्य पुष्कर सिंह धामी सरकार में मंत्री थे और उनके पास छह विभाग थे। जिसमें परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, निर्वाचन और आबकारी विभाग शामिल थे।

बता दे कि यशपाल और संजीव आर्य ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था। भाजपा ने तब दोनों को प्रत्याशी भी बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। यशपाल पूर्व में उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं। यशपाल आर्य पहली बार 1989 में खटीमा सितारगंज सीट से विधायक बने थे। वह पहले भी काफी समय तक कांग्रेस पार्टी में भी रहे हैं।

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार पुराने कांग्रेसियों के दम पर ही चल रही है। धामी कैबिनेट में कांग्रेस से आयात किए गए नेता बहुतायत में हैं। अगर मुख्यमंत्री का यह कहना कि कांग्रेस में लीडरशीप की कमी है, तो उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि वह चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस की ओर ही नजर क्यों बनाए रखते हैं। यह कहना है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का।

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