नौसेना में शामिल हुई चौथी स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन वेला, रहना होगा हर वक्‍त चौकन्‍ना- एडमिरल करमबीर सिंह
नौसेना में शामिल हुई चौथी स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन वेला, रहना होगा हर वक्‍त चौकन्‍ना- एडमिरल करमबीर सिंह

मुंबई। भारत चीन और पाकिस्‍तान के रक्षा गठजोड़ पर करीब से निगाह रखे हुए है। भारत इस बात से भी वाकिफ है कि चीन ने हाल ही में पाकिस्‍तान को एक वारशिप सौंपा है। दोनों देशोंं बीच हुई हालिया गतिविधियों पर भी भारत की पूरी नजर है। इसलिए भारत को हर समय चौकन्‍ना और तैयार रहना होगा। ये बातें नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने प्रोजेक्‍ट 75 के तहत भारतीय नौसेना को सौंपी गई सबमरीन आईएनएस वेला के जलावतरण के मौके पर कही है। 

नौसेना की चौथी स्कॉर्पीन क्लास की सबमरीन वेला को कमीशन कर दिया गया है।  INS वेला (INS Vela) के शामिल होने से नौसेना की ताकत में इजाफा होगा।  इस मौके पर नौसेनाध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि ये चौथी सबमरीन है। कोविड की वजह से कुछ परेशानी हुई थी, लेकिन हमारी टीम ने बहुत मेहनत की। 

नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा INS वेला में पनडुब्बी संचालन के पूरे स्पेक्ट्रम को शुरू करने की क्षमता है। आज की गतिशील और जटिल सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, इसकी क्षमता और मारक क्षमता भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए नौसेना की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

उन्‍होंने ये भी कहा कि भारत ने हाल ही में अपने स्‍वदेशी एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रांत का सफलतापूर्वक समुद्र में ट्रायल शुरू कर दिया है। अगस्‍त 2022 तक इसको भारतीय नौसेना में शामिल भी किया जा सकता है। एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि नेवी चीफ के रूप में उनके सामने सबसे बड़ा चैलेंज कोरोना महामारी को लेकर था। इसके अलावा सीमा पर तनाव भी उसी दौरान हुआ था, जिससे हालात खराब हो गए थे और चुनौती बढ़ गई थी। युद्धपोत पर जगह कम होने की वजह से वहां पर एक दूसरे से दूरी बनाए रखना संभव नहीं हो पाता था। लेकिन हमनें हालातों से जंग की और जीते।

नेवी चीफ ने कहा कि आईएनएस वेला के आने के बाद से देश की नौसेना की ताकत कहीं अधिक बढ़ जाएगी। इससे देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा। प्रोजेक्‍ट 75 का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि इससे भारत और फ्रांस के संबंध और अधिक मजबूत होंगे। सबमरीन के जलावतरण को उन्‍होंने बेहद खास वक्‍त बताया। उन्‍होंने कहा कि प्रोजेक्‍ट 75 के तहत जितनी सबमरीन बननी हैं उनमें से आधी तैयार हो चुकी हैं। आपको बता दें कि आईएनएस वेला एक स्‍कार्पियन क्‍लास की सबमरीन है जिसको फ्रांस के सहयोग से मझगांव डाक लिमिटेड ने तैयार किया है। ये सबमरीन कई तरह की खूबियों से लैस है। 

नौसेना में शामिल हुई चौथी स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन वेला,

प्रोजेक्ट 75 के तहत 6 पनडुब्बियों का निर्माण होना है, जिसमें से पहले ही 3 सबमरीन कमीशन की जा चुकी थीं और आज ये चौथी सबमरीन कमीशन की गई। नौसेना प्रमुख करमबीर सिंह ने गुरुवार सुबह इसे कमीशन किया. जब दुश्मन से निपटने की बात आती है तो आईएनएस वेला को आधुनिक और अपनी ताकत के लिए जाना जाता है।  सबमरीन में एडवांस एकॉस्टिक साइलेंसिंग टेक्नीक का इस्तेमाल किया गया है। रेडिएटिड नॉइस लेवल भी इसमें कम है। सबमरीन का स्वरूप हाइड्रो-डायनामिक है। सटीक गाइडेड निशाना लगाने की ताकत रखने वाली ये सबमरीन दुश्मन को अपंग बना सकती है। 

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